Scotland still have 2028 T20 World Cup automatic qualification incentive: स्कॉटलैंड के लिए बड़ा मौका
सेमीफाइनल की दौड़ से बाहर होने के बाद भी स्कॉटलैंड के पास बड़ा मौका
आईसीसी महिला टी20 विश्व कप में स्कॉटलैंड का सफर भले ही सेमीफाइनल के लिहाज से समाप्त हो गया हो, लेकिन टीम के पास टूर्नामेंट के अपने आखिरी चरण में खेलने के लिए बहुत कुछ बचा है। स्कॉटलैंड के सामने अब एक बड़ी चुनौती और अवसर है, क्योंकि Scotland still have 2028 T20 World Cup automatic qualification incentive यानी उनके पास वर्ष 2028 में होने वाले टी20 विश्व कप के लिए सीधे क्वालीफाई करने का एक बेहतरीन मौका है।
2028 का टी20 विश्व कप पाकिस्तान में आयोजित किया जाएगा और यह भी 12 टीमों का एक बड़ा टूर्नामेंट होगा। इस आगामी टूर्नामेंट में सीधे प्रवेश पाने के लिए मौजूदा विश्व कप के प्रत्येक ग्रुप में शीर्ष चार स्थानों पर रहने वाली टीमों को सीधे ऑटोमैटिक क्वालिफिकेशन मिलेगा। यही कारण है कि स्कॉटलैंड के लिए श्रीलंका के खिलाफ होने वाला आखिरी मैच बेहद महत्वपूर्ण बन गया है।
ग्रुप 2 का गणित और स्कॉटलैंड का समीकरण
स्कॉटलैंड वर्तमान में अपने ग्रुप में पांचवें स्थान पर है और उसका केवल एक मैच बचा है, जो चौथे स्थान पर मौजूद श्रीलंका के खिलाफ होना है। नेट रन-रेट (NRR) के मामले में स्कॉटलैंड की टीम श्रीलंका से केवल मामूली अंतर से पीछे है। इसके साथ ही वे न्यूजीलैंड से भी थोड़ा ही पीछे हैं, जिसे अपना आखिरी मैच इंग्लैंड के खिलाफ खेलना है।
अगर स्कॉटलैंड की टीम अपने आखिरी मैच में श्रीलंका को हराने में कामयाब रहती है, तो वे श्रीलंका और न्यूजीलैंड दोनों को अंकों के मामले में पीछे छोड़ सकती हैं या उनके बराबर आ सकती हैं। एक शानदार जीत स्कॉटलैंड को अंक तालिका में ऊपर धकेल देगी, जिससे वे अगले टी20 विश्व कप के लिए होने वाले कठिन क्वालिफिकेशन टूर्नामेंट (क्वालीफायर) के चक्रव्यूह से बच सकती हैं।
ICC द्वारा निर्धारित 2028 टी20 विश्व कप क्वालिफिकेशन के कड़े नियम
क्रिकइन्फो की रिपोर्ट के अनुसार, आईसीसी ने अगले विश्व कप के लिए टीमों के चयन हेतु निम्नलिखित मापदंड तय किए हैं:
- शीर्ष आठ टीमें: टी20 विश्व कप 2026 के प्रत्येक ग्रुप में शीर्ष चार स्थान हासिल करने वाली टीमें सीधे क्वालीफाई करेंगी।
- मेजबान देश: यदि मेजबान टीम (पाकिस्तान) उपरोक्त मार्ग से क्वालीफाई नहीं कर पाती है, तो भी उसे सीधे प्रवेश मिलेगा।
- रैंकिंग के आधार पर: 6 जुलाई 2026 तक आईसीसी महिला टी20आई रैंकिंग तालिका में शीर्ष स्थान पर रहने वाली अगली सर्वोच्च रैंक वाली टीमें।
- ग्लोबल क्वालीफायर: वैश्विक क्वालीफायर के माध्यम से आने वाली दो अन्य टीमें।
वर्तमान अंक तालिका और रैंकिंग की स्थिति
अगर वर्तमान परिस्थितियों पर नजर डालें तो ग्रुप 1 में ऑस्ट्रेलिया, भारत, दक्षिण अफ्रीका और बांग्लादेश शीर्ष चार स्थानों पर बने हुए हैं। इस ग्रुप के शीर्ष चार में किसी बड़े बदलाव की संभावना बेहद कम नजर आ रही है। दूसरी ओर, ग्रुप 2 की बात करें तो इंग्लैंड, वेस्टइंडीज, न्यूजीलैंड और श्रीलंका फिलहाल शीर्ष चार स्थानों पर काबिज हैं।
ग्रुप 2 का यह समीकरण तब बदल सकता है जब स्कॉटलैंड अपने आखिरी मैच में श्रीलंका को शिकस्त दे दे। इस जीत के साथ स्कॉटलैंड के भी श्रीलंका और न्यूजीलैंड के समान चार अंक हो जाएंगे। चूंकि पाकिस्तान टूर्नामेंट की मेजबानी कर रहा है, इसलिए मेजबान के रूप में उनका स्थान पहले से ही पक्का है, भले ही वे इस टूर्नामेंट में अब तक एक भी मैच नहीं जीत पाए हैं और अपने ग्रुप के शीर्ष चार में जगह बनाने में असमर्थ रहे हैं। पाकिस्तान के सीधे प्रवेश के कारण, अब रैंकिंग के आधार पर केवल एक ही टीम को ऑटोमैटिक क्वालिफिकेशन मिल पाएगा।
रैंकिंग का पेच और ग्लोबल क्वालीफायर का खतरा
वर्तमान आईसीसी रैंकिंग के अनुसार, आयरलैंड नौवें स्थान पर है, बांग्लादेश दसवें स्थान पर और स्कॉटलैंड ग्यारहवें स्थान पर मौजूद है। इसका सीधा मतलब यह है कि अगर आज की तारीख में स्वचालित योग्यता (ऑटोमैटिक क्वालिफिकेशन) का फैसला किया जाता है, तो स्कॉटलैंड इस टूर्नामेंट में आयरलैंड को हराने के बावजूद सीधे क्वालीफाई करने से चूक जाएगा।
यही कारण है कि स्कॉटलैंड के लिए श्रीलंका के खिलाफ जीत दर्ज कर ग्रुप में शीर्ष चार में आना बेहद जरूरी है। यदि वे ऐसा करने में सफल रहती हैं, तो वे सीधे टिकट पा लेंगी। इसके अलावा, इस विश्व कप के अंत तक अपनी रैंकिंग में सुधार करना भी उनके लिए एक अन्य विकल्प होगा। दूसरी ओर, 14वें स्थान पर मौजूद नीदरलैंड और संभवतः आयरलैंड को भी अगले टूर्नामेंट के लिए ग्लोबल क्वालीफायर की कठिन डगर से गुजरना पड़ सकता है।
गौरतलब है कि अगले टी20 विश्व कप में ग्लोबल क्वालीफायर के जरिए केवल दो ही टीमों को मुख्य टूर्नामेंट में प्रवेश मिलेगा। यह स्थिति इस साल की तुलना में बहुत अधिक कठिन है, जहां जनवरी में हुए इवेंट से चार टीमों – बांग्लादेश, आयरलैंड, स्कॉटलैंड और नीदरलैंड – ने मुख्य दौर में जगह बनाई थी। ऐसे में स्कॉटलैंड के पास खुद को सुरक्षित करने का यह सबसे बेहतरीन और सुनहरा अवसर है जिसे वे किसी भी हाल में गंवाना नहीं चाहेंगी।
