आईपीएल 2026: आकाश सिंह के ‘नोट सेलिब्रेशन’ पर मचा बवाल, डेल स्टेन और रायुडू ने की बैन की मांग
आईपीएल 2026: आकाश सिंह का ‘हैंडरिटन नोट’ सेलिब्रेशन और नया विवाद
इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) हमेशा से ही अपने रोमांचक मैचों और खिलाड़ियों के अनोखे अंदाज के लिए जानी जाती रही है। लेकिन आईपीएल 2026 के सीजन में लखनऊ सुपर जायंट्स (LSG) के युवा तेज गेंदबाज आकाश सिंह ने एक ऐसा जश्न मनाया जिसने क्रिकेट जगत को दो गुटों में बांट दिया है। 15 मई को चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) के खिलाफ खेले गए मुकाबले में आकाश सिंह ने विकेट लेने के बाद अपनी जेब से एक कागज का टुकड़ा निकाला और उसे कैमरे के सामने पढ़ा। इस ‘हैंडरिटन नोट’ सेलिब्रेशन ने न केवल प्रशंसकों का ध्यान खींचा, बल्कि पूर्व क्रिकेटरों के बीच एक गंभीर बहस को भी जन्म दे दिया है।
मैदान पर क्या हुआ? आकाश सिंह का शानदार स्पैल और अनोखा जश्न
लखनऊ के इकाना क्रिकेट स्टेडियम में खेले गए मैच नंबर 59 में आकाश सिंह को इस सीजन का अपना पहला मैच खेलने का मौका मिला। बाएं हाथ के इस तेज गेंदबाज ने मौके का भरपूर फायदा उठाया और सीएसके के बल्लेबाजी क्रम को तहस-नहस कर दिया। आकाश ने अपने स्पैल के दौरान सीएसके के कप्तान रुतुराज गायकवाड़, संजू सैमसन और उर्बिल पटेल जैसे महत्वपूर्ण विकेट चटकाए।
लेकिन चर्चा उनकी घातक गेंदबाजी से ज्यादा उनके जश्न की हो रही है। तीनों विकेट लेने के बाद, आकाश ने अपनी जेब से एक मुड़ा हुआ कागज निकाला। उस पर लिखा था – “#Akki on fire – Akash knows how to take wickets in T20 game.” (अक्की फॉर्म में है – आकाश जानता है कि टी20 गेम में विकेट कैसे लिए जाते हैं)। यह दृश्य देखते ही देखते सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, लेकिन जहां कुछ प्रशंसकों को यह मजेदार लगा, वहीं विशेषज्ञों ने इसे खेल की भावना के विपरीत माना।
अभिषेक शर्मा से शुरू हुआ था यह चलन
यह पहली बार नहीं है जब आईपीएल में किसी खिलाड़ी ने इस तरह का जश्न मनाया हो। इस ट्रेंड की शुरुआत आईपीएल 2025 में हुई थी, जब सनराइजर्स हैदराबाद के स्टार बल्लेबाज अभिषेक शर्मा ने अपना शतक पूरा करने के बाद इसी तरह का नोट दिखाया था। उसके बाद से कई अन्य क्रिकेटरों ने अलग-अलग अंदाज में इसे कॉपी करने की कोशिश की है, लेकिन आकाश सिंह के इस हालिया कृत्य ने आलोचनाओं के घेरे को बड़ा कर दिया है।
दिग्गज खिलाड़ियों का गुस्सा: डेल स्टेन और अंबाती रायुडू ने साधा निशाना
आकाश सिंह के इस जश्न को क्रिकेट के दिग्गजों ने कतई पसंद नहीं किया। दक्षिण अफ्रीका के महान पूर्व तेज गेंदबाज डेल स्टेन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर अपनी नाराजगी जाहिर की। स्टेन ने लिखा, “अब इन कागजों को दूर रखने का समय आ गया है। यह अब ट्रेंड नहीं रह गया है। सच कहूं तो, यह कभी ट्रेंड था ही नहीं।” स्टेन का मानना है कि यह सेलिब्रेशन अब पुराना और उबाऊ हो चुका है।
वहीं, चेन्नई सुपर किंग्स के पूर्व बल्लेबाज अंबाती रायुडू ने एक कदम आगे बढ़ते हुए इस पर प्रतिबंध लगाने की मांग कर दी। ईएसपीएन क्रिकइन्फो के ‘टाइमआउट’ शो के दौरान रायुडू ने कहा:
- “मुझे लगता है कि यह उनकी अपनी अभिव्यक्ति हो सकती है, लेकिन यह बहुत से लोगों को पसंद नहीं आएगी। यह थोड़ा मजाकिया है और थोड़ा बकवास भी।”
- “मेरा मानना है कि इस ‘चिट बिजनेस’ (पर्ची दिखाने का काम) पर प्रतिबंध लगा देना चाहिए। यह पूरी तरह से बकवास है। मुझे नहीं लगता कि खिलाड़ियों को मैदान पर ऐसी पर्चियां लाने की अनुमति होनी चाहिए।”
आकाश सिंह की सफाई: ‘यह सिर्फ मेरा आत्म-विश्वास है’
भारी आलोचना और बैन की मांग के बीच, आकाश सिंह ने मैच के बाद अपनी चुप्पी तोड़ी। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनके इस कदम के पीछे किसी का अपमान करने का कोई इरादा नहीं था। आकाश ने कहा, “यह मुझे केवल प्रेरणा देता है। इसके पीछे और कोई गहरा कारण नहीं है। जो कुछ भी मुझे खेल के दौरान प्रेरित करता है, मैं उसे करता रहूंगा और खुद का समर्थन करूंगा।” उनके अनुसार, यह उच्च दबाव वाले मैचों में अपना ध्यान केंद्रित रखने का एक तरीका मात्र है।
कौन हैं आकाश सिंह? एक उभरता हुआ सितारा
राजस्थान के भरतपुर के रहने वाले आकाश सिंह बाएं हाथ के मध्यम-तेज गेंदबाज हैं। उन्होंने पहली बार 2020 के आईसीसी अंडर-19 विश्व कप के दौरान अपनी पहचान बनाई थी। आईपीएल में उनका सफर 2021 में राजस्थान रॉयल्स के साथ शुरू हुआ। इसके बाद वह 2023 में चेन्नई सुपर किंग्स का हिस्सा रहे और अंततः आईपीएल 2025 की नीलामी में लखनऊ सुपर जायंट्स ने उन्हें 30 लाख रुपये में खरीदा।
ऋषभ पंत की अगुवाई वाली टीम (लखनऊ सुपर जायंट्स) ने आईपीएल 2026 सीजन से पहले उन्हें रिटेन किया, जो उनकी प्रतिभा पर टीम के भरोसे को दर्शाता है। अब तक के अपने आईपीएल करियर में आकाश ने 11 मैचों में 12 विकेट झटके हैं, हालांकि उनका इकोनॉमी रेट 9.22 के आसपास रहा है। घरेलू क्रिकेट में भी उनका अनुभव बढ़ रहा है, जहाँ उन्होंने 15 प्रथम श्रेणी और 30 टी20 मैच खेले हैं।
निष्कर्ष: क्या जश्न की भी कोई सीमा होनी चाहिए?
क्रिकेट में जश्न मनाना हमेशा से खेल का हिस्सा रहा है—चाहे वह इमरान ताहिर की दौड़ हो या शिखर धवन का ‘थाई-फाइव’। हालांकि, आकाश सिंह के ‘नोट सेलिब्रेशन’ ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या मैदान पर बाहरी वस्तुओं (जैसे कागज के टुकड़े) का उपयोग करना जायज है। जहाँ युवा खिलाड़ी इसे व्यक्तिगत प्रेरणा मानते हैं, वहीं पुराने दिग्गज इसे खेल की गरिमा के खिलाफ और ध्यान भटकाने वाला करार दे रहे हैं। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या बीसीसीआई इस पर कोई आधिकारिक दिशा-निर्देश जारी करता है।
