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विराट कोहली ने IPL में ‘कंटेंट-फर्स्ट’ संस्कृति पर उठाए सवाल, निजता को बताया जरूरी

Manish Nair · · 1 min read

आईपीएल में ‘कंटेंट-फर्स्ट’ संस्कृति पर विराट कोहली की बेबाक राय

पिछले कुछ वर्षों में, आईपीएल फ्रेंचाइजी ने सोशल मीडिया पर अपनी सक्रियता को अभूतपूर्व स्तर पर बढ़ा दिया है। टीमों की डिजिटल टीमें अब खिलाड़ियों का हर पल पीछा कर रही हैं। हालाँकि, यह रणनीति टीमों की पहुंच बढ़ाने और प्रशंसक आधार को मजबूत करने में मददगार साबित हुई है, लेकिन क्रिकेटरों के लिए यह एक गंभीर समस्या का कारण बन गई है। भारतीय क्रिकेट के सबसे बड़े नामों में से एक, विराट कोहली, अब इस बढ़ते चलन के खिलाफ खुलकर सामने आए हैं।

निजता का महत्व और कोहली का नजरिया

विराट कोहली न केवल खेल के मैदान पर बल्कि निजी जीवन में भी हमेशा कैमरों की नजरों में रहे हैं। अपनी शादी और जीवनशैली के कारण वे अक्सर चर्चा में रहते हैं। यही कारण है कि वे भारत में अपनी निजता बनाए रखने के लिए अब काफी समय लंदन में बिताते हैं, और केवल अंतरराष्ट्रीय मैचों या आईपीएल के दौरान ही स्वदेश लौटते हैं। हाल ही में आरसीबी पॉडकास्ट के दौरान, उन्होंने इस ‘कंटेंट संस्कृति’ की भयावहता के बारे में बात की।

कोहली ने कहा, “मुझे खेल के साथ आने वाला दबाव पसंद है, लेकिन उसके अलावा किसी और चीज का दबाव नहीं। मैं जानता हूं कि सोशल मीडिया और प्रशंसकों का जुड़ाव बहुत महत्वपूर्ण है, लेकिन मुझे लगता है कि इस प्रक्रिया को और व्यवस्थित करने की आवश्यकता है।” उन्होंने आगे कहा कि खिलाड़ियों को अपनी तैयारी के लिए आजादी की जरूरत होती है।

अभ्यास के दौरान असहजता

कोहली के अनुसार, जब कोई खिलाड़ी अभ्यास के लिए मैदान पर उतरता है, तो छह कैमरे उसका पीछा कर रहे होते हैं। यह स्थिति काफी असहज महसूस कराती है। उन्होंने स्पष्ट किया, “अगर हर चीज रिकॉर्ड की जा रही है, तो आप स्वाभाविक नहीं रह सकते। जब आपके हर कदम की रिकॉर्डिंग हो रही हो, तो नए प्रयोग करना मुश्किल हो जाता है। मुझे मेरे प्रदर्शन के आधार पर आंका जाना चाहिए, न कि इस आधार पर कि मैं खेल के लिए कैसे अभ्यास कर रहा हूँ। किसी को भी यह अधिकार नहीं है कि वह मेरे निजी समय या पर्दे के पीछे की गतिविधियों पर फैसला सुनाए।”

सीमा तय करने की आवश्यकता

विराट कोहली ने जोर देकर कहा कि अधिकारियों और डिजिटल टीमों को खिलाड़ियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए स्पष्ट नियम बनाने चाहिए। उन्होंने कहा, “हमें एक सीमा तय करने की जरूरत है। यह समझना महत्वपूर्ण है कि क्या कोई खिलाड़ी फिल्माया जाने के लिए सहज है या नहीं। यह चीजें अब बहुत अधिक बढ़ गई हैं।”

उन्होंने केन विलियमसन के साथ अपनी बातचीत का एक उदाहरण भी दिया, जहाँ एक रोबोटिक कैमरे (कंटेंट क्रिएशन के लिए) ने उनकी निजी बातचीत में बाधा डाली। कोहली ने बताया कि वे केन से गंभीर चर्चा कर रहे थे और एक डिजिटल रोबोटिक उपकरण का हस्तक्षेप करना अत्यंत अनुचित था। इस तरह की घटनाओं ने कोहली को यह सोचने पर मजबूर किया है कि क्या क्रिकेटरों के पास अब निजी स्थान बचा है।

आरसीबी के साथ शानदार फॉर्म

विवादों से इतर, विराट कोहली का ध्यान वर्तमान में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु को उनका दूसरा खिताब दिलाने पर केंद्रित है। उन्होंने कोलकाता नाइट राइडर्स के खिलाफ हाल ही में शतक जड़ा और टूर्नामेंट के इतिहास में 9 शतक तथा 14,000 टी20 रन पूरे करने का कीर्तिमान हासिल किया है। मौजूदा आईपीएल सत्र में कोहली ने 400 से अधिक रन बना लिए हैं और ऑरेंज कैप के प्रबल दावेदारों में से एक हैं। आरसीबी ने आठ मैच जीतकर प्लेऑफ में जगह बना ली है और टीम का लक्ष्य तालिका में शीर्ष दो स्थानों पर फिनिश करने का है।

अंततः, कोहली का संदेश साफ है—प्रशंसकों का प्यार सर्वोपरि है, लेकिन डिजिटल कंटेंट के शोर में खिलाड़ियों के मानसिक स्वास्थ्य और उनकी तैयारी की स्वतंत्रता को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। क्रिकेट जगत के लिए यह एक महत्वपूर्ण सीख है कि व्यावसायिकता की दौड़ में मानवीय मूल्यों और निजता का सम्मान करना अनिवार्य है।

Manish Nair
Manish Nair

Manish Nair is a multimedia journalist at newscricket.today, where he bridges the gap between the traditional cricket pitch and the digital fan experience. Specializing in trending narratives and the social media pulse of the sport, Manish tracks how the game lives and breathes beyond the 22 yards. Whether it's a viral moment in the PSL or a rising star in the Ranji Trophy, Finn delivers the stories that get the subcontinent talking. To him, cricket isn't just a scoreboard—it's a 24/7 conversation.