IPL 2026: धीमी ओवर-रेट के लिए ऋषभ पंत पर लगा भारी जुर्माना, जानें पूरी खबर
आईपीएल 2026 में ऋषभ पंत पर बीसीसीआई का कड़ा एक्शन
आईपीएल 2026 अपने अंतिम पड़ाव पर है और प्लेऑफ की जंग बेहद दिलचस्प हो गई है। शुक्रवार को खेले गए एक अहम मुकाबले में ऋषभ पंत की कप्तानी वाली लखनऊ सुपर जायंट्स (LSG) ने चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) को करारी शिकस्त दी। हालांकि, इस जीत के बाद लखनऊ के खेमे से एक ऐसी खबर आई जिसने प्रशंसकों को चौंका दिया है। कप्तान ऋषभ पंत पर धीमी ओवर-रेट के लिए भारी जुर्माना लगाया गया है।
मैच का हाल और धीमी गति का कारण
लखनऊ सुपर जायंट्स के लिए यह मैच जीत की दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण था। टीम के विस्फोटक ओपनर मिचेल मार्श ने चेन्नई के गेंदबाजों की जमकर खबर ली और मात्र 38 गेंदों में 90 रनों की तूफानी पारी खेली। हालांकि, 12वें ओवर में उनके रन-आउट होने से टीम को झटका जरूर लगा, लेकिन बाकी बल्लेबाजों ने आसानी से लक्ष्य हासिल कर लिया।
समस्या तब शुरू हुई जब लखनऊ की गेंदबाजी की बारी आई। टीम ने अपने 20 ओवरों में से 16 ओवर तेज गेंदबाजों से कराए, जबकि स्पिन विभाग की कमान केवल शाहबाज अहमद के हाथों में थी। तेज गेंदबाजों के लगातार इस्तेमाल के कारण टीम तय समय सीमा के भीतर अपने 20 ओवर पूरे नहीं कर सकी, जिसका खामियाजा कप्तान ऋषभ पंत को भुगतना पड़ा।
आचार संहिता के तहत कार्रवाई
आईपीएल के आधिकारिक प्रेस रिलीज के अनुसार, ऋषभ पंत पर ‘आईपीएल आचार संहिता के अनुच्छेद 2.22’ के तहत 12 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। यह अनुच्छेद न्यूनतम ओवर-रेट बनाए रखने से संबंधित है।
- जुर्माना राशि: 12 लाख रुपये
- कारण: धीमी ओवर-रेट
- सीजन का पहला अपराध: यह इस सत्र में टीम का पहला उल्लंघन है।
बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि चूंकि यह ऋषभ पंत और उनकी टीम का इस सीजन का पहला अपराध है, इसलिए उन पर यह जुर्माना लगाया गया है। अगर टीम भविष्य में भी ऐसी गलती दोहराती है, तो सजा और भी सख्त हो सकती है।
क्या है आईपीएल का ओवर-रेट नियम?
आईपीएल में प्रत्येक टीम को एक निर्धारित समय सीमा (आमतौर पर 90 मिनट) के भीतर अपने 20 ओवर पूरे करने होते हैं। इसमें रणनीतिक टाइम-आउट का समय भी शामिल होता है। जब कोई टीम इस समय सीमा का उल्लंघन करती है, तो अंपायरों द्वारा इसे ‘स्लो ओवर-रेट’ माना जाता है। कप्तान के रूप में टीम की जिम्मेदारी सुनिश्चित करना पंत का मुख्य कार्य होता है, और इसी कारण कप्तान पर यह आर्थिक दंड लगाया जाता है।
लखनऊ सुपर जायंट्स के लिए प्लेऑफ की दौड़ अभी भी बनी हुई है। मिचेल मार्श की फॉर्म और टीम का आक्रामक रवैया उन्हें टूर्नामेंट के अगले दौर में ले जाने के लिए काफी है। हालांकि, टीम प्रबंधन को आगामी मैचों में गेंदबाजी की गति को लेकर अधिक सतर्क रहना होगा ताकि कप्तान को दोबारा ऐसी स्थिति का सामना न करना पड़े।
क्रिकेट के गलियारों में इस जुर्माने की चर्चा तेज है, लेकिन ऋषभ पंत के प्रशंसकों का मानना है कि जीत की खुशी में यह छोटा सा आर्थिक नुकसान टीम के मनोबल को कम नहीं करेगा। देखना दिलचस्प होगा कि क्या लखनऊ की टीम प्लेऑफ में अपनी जगह पक्की कर पाती है या नहीं।
