युजवेंद्र चहल वेपिंग विवाद: रियान पराग के बाद अब चहल पर लगा सुरक्षा उल्लंघन का आरोप
इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) हमेशा से ही अपने ग्लैमर और क्रिकेट के उच्च स्तर के लिए जाना जाता रहा है, लेकिन 2026 का सीजन कुछ अलग ही कारणों से सुर्खियों में है। अनुशासनहीनता की घटनाओं ने इस समय लीग की छवि पर सवालिया निशान लगा दिए हैं। अभी कुछ ही दिन बीते थे जब राजस्थान रॉयल्स के कप्तान रियान पराग को सार्वजनिक रूप से वेपिंग करने के लिए बीसीसीआई द्वारा फटकार लगाई गई थी, और अब दिग्गज स्पिनर युजवेंद्र चहल भी इसी तरह के एक विवाद के केंद्र में आ गए हैं।
क्या है पूरा मामला?
यह घटना 5 मई, 2026 को सामने आई, जब पंजाब किंग्स के तेज गेंदबाज अर्शदीप सिंह ने अपने आधिकारिक यूट्यूब चैनल पर एक व्लॉग साझा किया। इस वीडियो में पंजाब किंग्स की टीम सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ अपने अगले मुकाबले के लिए हैदराबाद की यात्रा कर रही थी। वीडियो के एक हिस्से में फैंस की पैनी नजरों ने कुछ ऐसा पकड़ा जिसने पूरे क्रिकेट जगत को हैरान कर दिया। वीडियो में युजवेंद्र चहल, जो वर्तमान में पंजाब किंग्स के मुख्य स्पिनर के रूप में खेल रहे हैं, कथित तौर पर फ्लाइट के अंदर वेपिंग करते हुए दिखाई दिए।
सोशल मीडिया पर फैंस का गुस्सा
जैसे ही यह वीडियो सार्वजनिक हुआ, क्रिकेट फैंस ने इसे हाथों-हाथ लिया और देखते ही देखते यह सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। हालांकि, विवाद बढ़ता देख उस वीडियो को बाद में एडिट कर दिया गया, लेकिन तब तक इसके स्क्रीनशॉट्स और क्लिप्स हर जगह फैल चुके थे। फैंस का आरोप है कि एक खिलाड़ी का फ्लाइट के अंदर वेपिंग करना न केवल अनुशासनहीनता है, बल्कि यह एक ‘मैसिव सिक्योरिटी ब्रीच’ यानी सुरक्षा का बड़ा उल्लंघन भी है। विमान के अंदर किसी भी तरह के इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट या वेपिंग डिवाइस का इस्तेमाल सख्त वर्जित होता है, क्योंकि इससे विमान के स्मोक डिटेक्टर सक्रिय हो सकते हैं और सुरक्षा के लिए खतरा पैदा हो सकता है।
रियान पराग की घटना से तुलना
दिलचस्प बात यह है कि युजवेंद्र चहल से ठीक पहले 30 अप्रैल को राजस्थान रॉयल्स के नवनियुक्त कप्तान रियान पराग को इसी तरह की हरकत के लिए दंडित किया गया था। बीसीसीआई ने पराग पर मैच फीस का 25% जुर्माना लगाया था। अब जब चहल जैसा अनुभवी खिलाड़ी, जो भारतीय टीम का एक महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है, इस तरह की गतिविधि में शामिल पाया गया है, तो बीसीसीआई के रुख पर सबकी नजरें टिकी हैं। क्या बोर्ड चहल के खिलाफ भी वैसी ही सख्त कार्रवाई करेगा जैसी पराग के खिलाफ की गई थी?
मैदान पर प्रदर्शन और मैदान के बाहर का व्यवहार
युजवेंद्र चहल वर्तमान में न केवल अपनी टीम के मुख्य गेंदबाज हैं, बल्कि उनकी टीम अंक तालिका में शीर्ष पर बनी हुई है। ऐसे में टीम के ‘टेबल-टॉपर’ होने के नाते खिलाड़ियों से अधिक जिम्मेदारी और अनुशासन की अपेक्षा की जाती है। खेल के प्रति समर्पण और युवाओं के लिए रोल मॉडल होने के नाते, इस तरह के कृत्य खिलाड़ियों की छवि को नुकसान पहुंचाते हैं।
सुरक्षा और प्रोटोकॉल पर सवाल
फ्लाइट में यात्रा के दौरान खिलाड़ियों को कड़े प्रोटोकॉल का पालन करना होता है। विशेष रूप से आईपीएल जैसी हाई-प्रोफाइल लीग के दौरान खिलाड़ियों की सुरक्षा और उनके व्यवहार की निगरानी के लिए सुरक्षा अधिकारी भी साथ होते हैं। इसके बावजूद चहल द्वारा वेपिंग किए जाने की घटना ने एयरलाइन सुरक्षा और टीम प्रबंधन की सतर्कता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
आगे क्या हो सकता है?
सूत्रों के अनुसार, बीसीसीआई इस मामले की जांच कर रहा है। यदि चहल दोषी पाए जाते हैं, तो उन पर न केवल भारी जुर्माना लग सकता है, बल्कि उन्हें कुछ मैचों के लिए प्रतिबंधित भी किया जा सकता है। पंजाब किंग्स के लिए यह एक बड़ा झटका हो सकता है, क्योंकि वे वर्तमान में शानदार फॉर्म में हैं और टूर्नामेंट के निर्णायक मोड़ पर अपने सबसे अनुभवी स्पिनर को खोना नहीं चाहेंगे।
- अनुशासनहीनता: आईपीएल 2026 में खिलाड़ियों के व्यवहार पर उठते सवाल।
- सुरक्षा उल्लंघन: विमान के भीतर वेपिंग के गंभीर परिणाम।
- बीसीसीआई की कार्रवाई: क्या चहल पर भी लगेगा रियान पराग जैसा जुर्माना?
फिलहाल, क्रिकेट जगत चहल की इस हरकत से स्तब्ध है और आधिकारिक बयान का इंतजार कर रहा है। यह घटना एक बार फिर याद दिलाती है कि खेल की प्रतिभा के साथ-साथ एक एथलीट के लिए उसका आचरण भी उतना ही महत्वपूर्ण है।
