Cricket News

Hesson debunks pitches ‘myth’, says there will be ‘variety’ at ODI World Cup

Liam Mehta · · 1 min read

पाकिस्तान की पिच और विश्व कप की तैयारी

हाल ही में रावलपिंडी में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पहले वनडे मैच में पाकिस्तान द्वारा स्पिन-अनुकूल पिच तैयार करने का निर्णय चर्चा का विषय बना रहा। इस मैच में पाकिस्तान ने पांच विकेट से शानदार जीत दर्ज की, लेकिन पिच के धीमेपन को लेकर काफी आलोचनाएं भी हुईं। इस आलोचना के बीच, मुख्य कोच माइक हेसन ने मोर्चा संभाला है। उनका स्पष्ट मानना है कि Hesson debunks pitches ‘myth’, says there will be ‘variety’ at ODI World Cup, और यह समझना जरूरी है कि आगामी 2027 वनडे विश्व कप में खिलाड़ियों को विभिन्न प्रकार की परिस्थितियों का सामना करना पड़ेगा।

दक्षिण अफ्रीका, जिम्बाब्वे और नामीबिया की बदलती चुनौतियां

हेसन ने सोशल मीडिया पर अपनी बात रखते हुए स्पष्ट किया कि 2027 का विश्व कप केवल दक्षिण अफ्रीका तक सीमित नहीं है, बल्कि यह जिम्बाब्वे और नामीबिया में भी खेला जाएगा। उन्होंने कहा, ‘मैं सुन रहा हूं कि पाकिस्तान की पिचें दक्षिण अफ्रीका के विश्व कप की तैयारी के लिए आदर्श नहीं हैं, लेकिन यह पूरी सच्चाई नहीं है। जिम्बाब्वे और नामीबिया में भी मैच होंगे जहां स्पिन एक बड़ी भूमिका निभाएगी।’ कोच ने आगे कहा कि दक्षिण अफ्रीका की सभी पिचें तेज और उछाल भरी नहीं होतीं, बल्कि वहां भी विविध प्रकार के ट्रैक देखने को मिलते हैं।

स्पिनरों का दबदबा और टीम की रणनीति

रावलपिंडी वनडे में स्पिनरों का दबदबा देखने को मिला, जहां कुल 86.4 ओवरों में से 62.3 ओवर स्पिनरों द्वारा फेंके गए। मैच में गिरे कुल 15 विकेटों में से 11 विकेट स्पिनरों के नाम रहे। पाकिस्तान के युवा खिलाड़ी अराफत मिन्हास ने अपने पदार्पण मैच में पांच विकेट लेकर इतिहास रच दिया। हेसन का मानना है कि उनकी टीम 18 महीनों की तैयारी के दौरान हर प्रकार की परिस्थितियों के लिए खुद को ढालने पर काम कर रही है।

बाबर आजम की उपस्थिति और गाजी गोरी का आत्मविश्वास

मैच के अन्य पहलुओं पर बात करते हुए, युवा बल्लेबाज गाजी गोरी ने बाबर आजम के साथ अपनी साझेदारी को टीम की जीत का श्रेय दिया। गोरी ने अपने दूसरे वनडे मैच में करियर का पहला अर्धशतक जड़ते हुए 65 रनों की महत्वपूर्ण पारी खेली। उन्होंने बताया कि किस तरह बाबर आजम के अनुभव ने उन्हें मुश्किल परिस्थितियों में स्थिर रहने में मदद की।

  • बाबर की सलाह: क्रीज पर बाबर आजम ने गोरी को स्ट्राइक रोटेट करने और खराब गेंदों का इंतजार करने की सलाह दी थी।
  • साझेदारी: दोनों के बीच हुई 127 रनों की साझेदारी ने पाकिस्तान के लिए लक्ष्य का पीछा करना आसान बना दिया।
  • ऑस्ट्रेलिया की चुनौती: हालांकि ऑस्ट्रेलिया की टीम में कई बड़े खिलाड़ी नहीं हैं, लेकिन गोरी का मानना है कि वे किसी भी टीम को हल्के में नहीं ले सकते।

ऑस्ट्रेलिया के लिए अब सीरीज में बने रहने के लिए दूसरा वनडे जीतना अनिवार्य हो गया है। गाजी गोरी ने कहा कि वे इस श्रृंखला को हल्के में नहीं ले रहे हैं और जानते हैं कि ऑस्ट्रेलियाई टीम वापसी करने में सक्षम है। कुल मिलाकर, पाकिस्तान टीम न केवल वर्तमान घरेलू सीरीज पर ध्यान केंद्रित कर रही है, बल्कि भविष्य के विश्व कप के लिए भी एक मजबूत रणनीति के साथ आगे बढ़ रही है। हेसन के शब्दों में कहें तो, विविधता ही क्रिकेट का असली मंत्र है और टीम आने वाले समय में हर चुनौती के लिए तैयार है।

Liam Mehta

Liam Mehta is the cricket correspondent for The Guardian, covering England’s men’s and women’s teams, the County Championship, and the global game with a special focus on South Asian cricket. Born in Leicester to a Punjabi father and a Welsh mother, Liam grew up straddling two cricketing cultures — the buzz of India‑Pakistan clashes at his local club and the village‑green rhythms of county weekends. After reading English at Oxford, he trained as a journalist at City, University of London, and began his career at Wisden, where his archival pieces on the late‑1970s Indian tours of England garnered wide praise. Today he writes match reports, long‑form features on diaspora identity, and columns that challenge cricket’s establishment. He is also the host of The Reverse Sweep, a Guardian podcast on cricket, culture, and the subcontinent’s hold on the summer game.