अर्जुन तेंदुलकर के आईपीएल अभियान पर सचिन और सारा तेंदुलकर की प्रतिक्रिया
अर्जुन तेंदुलकर का आईपीएल में वापसी: सचिन और सारा ने जताया गर्व
आईपीएल 2026 में लखनऊ सुपर जायंट्स (एलएसजी) के लिए 23 मई को अपना पहला मैच खेलने वाले अर्जुन तेंदुलकर ने अपने धैर्य और लगन को एक यादगार पल में बदल दिया। भारत के क्रिकेट भगवान सचिन तेंदुलकर के बेटे को आखिरकार इस सीजन आईपीएल में मौका मिला, और उन्होंने इसका पूरा फायदा उठाया।
एलएसजी में नई शुरुआत
अर्जुन तेंदुलकर का सफर आईपीएल में आसान नहीं रहा। 2023 में मुंबई इंडियंस के साथ शुरुआत करने वाले अर्जुन को 2025 की नीलामी में छोड़ दिया गया था। उन्हें कई टीमों ने नजरअंदाज किया, लेकिन लखनऊ सुपर जायंट्स ने उन पर भरोसा जताया और उन्हें 2026 में अपने स्क्वॉड में शामिल किया।
उनका पहला मैच पंजाब किंग्स के खिलाफ एक निर्णायक नहीं था, लेकिन इस मैच ने अर्जुन के करियर के लिए महत्वपूर्ण मोड़ प्रदान किया। चार ओवर में 36 रन देकर एक विकेट लेने वाले अर्जुन ने पंजाब के ओपनर प्रबधसिमरन सिंह को आउट कर अपना पहला विकेट चटकाया।
पिता सचिन ने जताया गहरा प्यार और गर्व
इस छोटी सी, लेकिन महत्वपूर्ण उपलब्धि के बाद सचिन तेंदुलकर ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल पर बेटे की प्रशंसा की। उन्होंने लिखा, “बहुत बढ़िया, अर्जुन। इस सीजन में तुमने जिस तरह से खुद को संभाला, अपनी क्षमता पर विश्वास बनाए रखा, धैर्य दिखाया और बिना किसी शोरगुल के मेहनत जारी रखी, उस पर मैं तुम पर गर्व महसूस कर रहा हूँ।”
उन्होंने आगे कहा, “क्रिकेट सिर्फ कौशल नहीं, धैर्य की भी परीक्षा लेता है, और तुमने आज दोनों को सुंदर तरीके से संभाला। पैर जमीन पर रखो, और खेल से हमेशा की तरह प्यार बनाए रखो। मैं हमेशा तुमसे प्यार करता हूँ।”
सारा तेंदुलकर का भावुक समर्थन
अर्जुन की बहन सारा तेंदुलकर ने भी इंस्टाग्राम पर उनकी तस्वीर साझा करते हुए एक भावुक कैप्शन लिखा। उन्होंने लिखा, “तुम्हारे पास दुनिया का सारा अच्छा मिलना चाहिए, मेरे छोटे भाई। तुम्हारी मेहनत, दबाव को संभालने की क्षमता और सब कुछ के बावजूद धैर्य बनाए रखने पर मैं बहुत-बहुत गर्व करती हूँ। मैं हमेशा तुमसे प्यार करती हूँ… और फिर भी थोड़ा ज्यादा।”
यह पोस्ट महज 10 घंटे में 1.2 मिलियन से अधिक लाइक्स पार कर गई, जिसमें क्रिकेट प्रशंसकों ने भी अपना प्यार और समर्थन जाहिर किया।
एक अनकट हीरा अभी भी तलाश में है
अर्जुन तेंदुलकर के आईपीएल करियर को अब तक 6 मैचों में सिमटा दिया गया है, जिसमें उन्होंने केवल 4 विकेट लिए हैं। हालांकि, उनके प्रथम श्रेणी क्रिकेट में 52 विकेट और रणजी ट्रॉफी में 15 विकेट (10 पारियों में) का रिकॉर्ड उनकी क्षमता को दर्शाता है।
एलएसजी के शुरुआती मैचों में उन्हें लगातार नेट्स में रखा गया, जिससे यह संकेत मिला कि मैनेजमेंट उन पर भरोसा नहीं कर रही। लेकिन अंतिम मैच में दिया गया मौका उनकी लगातार मेहनत का फल था।
स्पिन टूर्नामेंट में भी उन्होंने खुद को साबित किया है। सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में उन्होंने 5 मैचों में 8 विकेट 7.78 की इकॉनमी के साथ लिए।
क्या 2027 में उन्हें एक और मौका मिलेगा? यह अभी अनिश्चित है। लेकिन एक बात स्पष्ट है—अर्जुन तेंदुलकर एक अनकट हीरा हैं, जिन्हें सिर्फ सही मंच और सहयोग की जरूरत है।
