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Shaheen Afridi on Pakistan quicks losing speed: ‘Machines deteriorate with time’ – शाहीन अफरीदी का बड़ा बयान: क्या पाकिस्तान के तेज गेंदबाजों की रफ्तार कम हो रही है?

Noah Sharma · · 1 min read

पाकिस्तान क्रिकेट में चिंता का विषय बनी तेज गेंदबाजों की रफ्तार

पाकिस्तान हमेशा से अपनी दुनिया के सबसे घातक तेज गेंदबाजों के लिए जाना जाता रहा है। वसीम अकरम और वकार यूनिस जैसे दिग्गजों की विरासत को संभालने वाली वर्तमान पीढ़ी इन दिनों एक बड़े संकट से गुजर रही है: रफ्तार की कमी। रावलपिंडी में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ वनडे सीरीज से ठीक पहले, पाकिस्तान के वनडे कप्तान शाहीन शाह अफरीदी ने इस मुद्दे पर बात करते हुए स्वीकार किया कि टीम के तेज गेंदबाजों की गति में गिरावट आई है, जिस पर नेशनल क्रिकेट एकेडमी (NCA) गंभीरता से काम कर रही है।

मशीनों की तरह है शरीर: शाहीन का तर्क

बांग्लादेश के खिलाफ हालिया टेस्ट सीरीज में पाकिस्तान की गेंदबाजी की पोल खुल गई थी। जहां बांग्लादेशी गेंदबाज 140 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से गेंदबाजी कर रहे थे, वहीं पाकिस्तानी गेंदबाज 120-130 किमी प्रति घंटे के दायरे में ही सिमट गए। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए शाहीन अफरीदी ने कहा, ‘मशीनें समय के साथ खराब हो जाती हैं। हमें खुद को रिचार्ज करने की जरूरत है। जब शरीर को आराम मिलता है, तो आप गेंद में अधिक गति डाल सकते हैं, लेकिन हमारे खिलाड़ी लगातार पाकिस्तान के लिए खेल रहे हैं।’

शाहीन ने आगे कहा कि सभी गेंदबाज अपनी गति बढ़ाने के तरीकों पर विचार कर रहे हैं। NCA कोचों के साथ मिलकर खिलाड़ियों के वर्कलोड मैनेजमेंट पर काम कर रही है ताकि वे फिट और तेज रह सकें। शाहीन ने खुद के प्रदर्शन पर भी बात की, क्योंकि 2022 में घुटने की चोट के बाद से उनकी गेंदबाजी में भी वह पुरानी लय नहीं दिखी है।

बांग्लादेश के नाहिद राणा का उदाहरण

शाहीन ने बांग्लादेश के युवा तेज गेंदबाज नाहिद राणा की सराहना की, जिन्होंने लगातार 140 किमी प्रति घंटे से अधिक की रफ्तार से गेंदबाजी की। शाहीन ने स्पष्ट किया कि नाहिद अभी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नए हैं और उनकी तुलना अनुभवी पाकिस्तानी गेंदबाजों से नहीं की जानी चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि निरंतर क्रिकेट खेलने के कारण थकान का असर प्रदर्शन पर पड़ता है।

मोहम्मद रिजवान की वनडे टीम से छुट्टी पर स्पष्टीकरण

वनडे वर्ल्ड कप की तैयारियों को ध्यान में रखते हुए पाकिस्तान के चयनकर्ताओं ने कई युवा खिलाड़ियों को मौका दिया है। इस बदलाव में मोहम्मद रिजवान का नाम न होना क्रिकेट जगत के लिए एक बड़ा झटका था। रिजवान, जो वर्तमान में पाकिस्तान के सबसे भरोसेमंद बल्लेबाजों में से एक रहे हैं, को टीम से बाहर किए जाने पर कई सवाल उठे।

शाहीन अफरीदी ने इन अटकलों को खारिज करते हुए कहा, ‘किसी भी नतीजे पर न पहुंचें। मैं और बाबर भी टीम से बाहर हुए थे, लेकिन हम वापस आए। मैंने रिजवान से बात की है। उन्हें टीम से बाहर करने का मतलब यह नहीं है कि उनका करियर खत्म हो गया है।’ उन्होंने बताया कि वर्ल्ड कप से पहले एक बड़ा पूल तैयार करने के लिए युवाओं को आजमाया जा रहा है ताकि सही संयोजन चुना जा सके।

भविष्य की ओर देखते हुए पाकिस्तान

रोहित नजीर, अराफात मिन्हास और अहमद दन्याल जैसे नए चेहरों के साथ पाकिस्तान की टीम अब आगामी सीरीज के माध्यम से अपने विकल्पों को विस्तार दे रही है। लाहौर में होने वाले आगामी वनडे मैच न केवल सीरीज के परिणाम तय करेंगे, बल्कि यह भी दिखाएंगे कि पाकिस्तान की यह नई रणनीति कितनी सफल रहती है।

अंत में, शाहीन का संदेश साफ है: पाकिस्तान क्रिकेट एक परिवर्तन के दौर से गुजर रहा है। चाहे वह गेंदबाजी की गति का मुद्दा हो या टीम में युवा खिलाड़ियों को जगह देना, प्रबंधन का लक्ष्य आने वाले समय के लिए एक मजबूत और संतुलित टीम का निर्माण करना है। प्रशंसकों को धैर्य रखने की जरूरत है क्योंकि बदलाव की प्रक्रिया में अक्सर समय लगता है।

Noah Sharma

Noah Sharma is an award‑winning investigative correspondent for The Indian Express, where he uncovers the power structures, conflicts of interest, and ethical grey zones that shape modern cricket. A graduate of the Indian Institute of Mass Communication, Sharma broke into prominence with his exposés on insider‑trading allegations around IPL franchise owners, and he has since become one of the most respected — and feared — voices in South Asian sports journalism. His reporting spans boardroom politics at the BCCI, match‑fixing investigations, and the human stories behind the players and officials. Known for his meticulous sourcing and legal awareness, Sharma’s work has led to parliamentary inquiries and policy reforms. He also writes long‑form features on the evolving identity of Indian cricket and is a regular speaker at journalism schools across the subcontinent.