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Rajat Patidar becomes threat to Shreyas Iyer as legendary cricketer makes bold T – रजत पाटीदार का जलवा: क्या श्रेयस अय्यर की जगह खतरे में है? आर अश्विन का बड़ा बयान

Noah Sharma · · 1 min read

रजत पाटीदार की चमक ने बढ़ाई श्रेयस अय्यर की चिंता

आईपीएल 2026 का मौजूदा सीजन कई मायनों में ऐतिहासिक साबित हो रहा है। धर्मशाला के हिमाचल प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन स्टेडियम में खेले गए क्वालीफायर 1 मुकाबले में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) ने गुजरात टाइटन्स को 92 रनों से करारी शिकस्त दी। इस जीत के साथ ही आरसीबी ने लगातार दूसरी बार फाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली है। इस जीत के नायक रहे आरसीबी के कप्तान रजत पाटीदार, जिन्होंने महज 33 गेंदों में नाबाद 93 रनों की विस्फोटक पारी खेलकर क्रिकेट जगत को चकित कर दिया।

आर अश्विन की बड़ी भविष्यवाणी

भारत के दिग्गज स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने पाटीदार के इस प्रदर्शन के बाद एक बड़ा बयान दिया है। अश्विन का मानना है कि पाटीदार का मौजूदा फॉर्म और दबाव वाले मैचों में खेलने की उनकी क्षमता उन्हें भारतीय टीम में वापसी का सबसे बड़ा दावेदार बनाती है। अपने यूट्यूब चैनल पर चर्चा करते हुए अश्विन ने कहा कि यदि चयनकर्ता पाटीदार के नाम पर विचार नहीं कर रहे हैं, तो यह भारतीय क्रिकेट के लिए चिंता का विषय है।

क्या श्रेयस अय्यर से आगे निकल गए पाटीदार?

अश्विन ने स्पष्ट किया कि अब समीकरण बदल चुके हैं। हालांकि श्रेयस अय्यर लंबे समय से टीम इंडिया का हिस्सा रहे हैं और आईपीएल में अपनी कप्तानी के लिए सराहे गए हैं, लेकिन पाटीदार की हालिया फॉर्म ने उन्हें श्रेयस से आगे लाकर खड़ा कर दिया है। अश्विन ने कहा, ‘इस पारी से पहले श्रेयस अय्यर थोड़े आगे थे, लेकिन अब रजत पाटीदार बिल्कुल उनके बराबर या उनसे बेहतर स्थिति में हैं।’

पाटीदार की बहुमुखी प्रतिभा

अश्विन ने पाटीदार की बल्लेबाजी तकनीक पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा, ‘हम सभी जानते हैं कि रजत स्पिनरों के खिलाफ कैसे खेलते हैं, लेकिन गुजरात टाइटन्स के खिलाफ उन्होंने तेज गेंदबाजों के खिलाफ भी असाधारण खेल दिखाया। यह वाकई हैरान करने वाला था कि गुजरात के किसी भी गेंदबाज ने उन्हें बाउंसर से परेशान करने की कोशिश नहीं की।’

टीम इंडिया के लिए दावेदारी

रजत पाटीदार ने अब तक अपने करियर में तीन टेस्ट और एक वनडे मैच खेला है। उनका पिछला अंतरराष्ट्रीय मैच फरवरी 2024 में इंग्लैंड के खिलाफ रांची में था। हालांकि, जिस तरह से उन्होंने आरसीबी की कमान संभाली और टीम को फाइनल तक पहुँचाया, उससे उनका आत्मविश्वास बढ़ा है। अश्विन का मानना है कि केवल चर्चा करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उन्हें टीम इंडिया में मौका दिया जाना चाहिए।

आरसीबी के लिए एक नया युग

आरसीबी के प्रशंसकों के लिए रजत पाटीदार का उदय किसी वरदान से कम नहीं है। विराट कोहली जैसे दिग्गज खिलाड़ियों की मौजूदगी के बावजूद, पाटीदार ने खुद को एक मैच-विनर के रूप में स्थापित किया है। आईपीएल 2026 में अब तक 13 पारियों में उनका स्ट्राइक रेट 196.76 रहा है, जो उनकी आक्रामक बल्लेबाजी शैली का प्रमाण है।

निष्कर्ष

अश्विन के शब्दों में कहें तो, ‘अगर श्रेयस अय्यर की शानदार फॉर्म के साथ पंजाब किंग्स प्लेऑफ में पहुँचती, तो स्थिति अलग होती। लेकिन आरसीबी की कप्तानी करते हुए फाइनल में पहुँचना और ऐसी पारियाँ खेलना पाटीदार के पक्ष में जाता है।’ क्या चयनकर्ता इस बदलाव को स्वीकार करेंगे? यह आने वाला समय ही बताएगा, लेकिन एक बात तो तय है कि रजत पाटीदार अब भारतीय क्रिकेट के भविष्य के लिए एक ‘खतरा’ या ‘विकल्प’ बनकर उभर चुके हैं।

  • रजत पाटीदार का स्ट्राइक रेट: 196.76
  • क्वालीफायर 1 प्रदर्शन: नाबाद 93 रन (33 गेंद)
  • भविष्य की संभावना: टीम इंडिया के मध्यक्रम में मजबूती का विकल्प

भारतीय चयनकर्ताओं के लिए यह देखना दिलचस्प होगा कि वे आगामी अंतरराष्ट्रीय सीरीज के लिए इन खिलाड़ियों में से किसका चयन करते हैं। तब तक, रजत पाटीदार का बल्ला आईपीएल के फाइनल में आग उगलने के लिए तैयार है।

Noah Sharma

Noah Sharma is an award‑winning investigative correspondent for The Indian Express, where he uncovers the power structures, conflicts of interest, and ethical grey zones that shape modern cricket. A graduate of the Indian Institute of Mass Communication, Sharma broke into prominence with his exposés on insider‑trading allegations around IPL franchise owners, and he has since become one of the most respected — and feared — voices in South Asian sports journalism. His reporting spans boardroom politics at the BCCI, match‑fixing investigations, and the human stories behind the players and officials. Known for his meticulous sourcing and legal awareness, Sharma’s work has led to parliamentary inquiries and policy reforms. He also writes long‑form features on the evolving identity of Indian cricket and is a regular speaker at journalism schools across the subcontinent.