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Patidar on RCB’s encore: ‘We didn’t just play but we dominated’ – आईपीएल खिताबी जीत

Noah Sharma · · 1 min read

आरसीबी की ऐतिहासिक जीत और रजत पाटीदार का नेतृत्व

अहमदाबाद में सोमवार की देर रात जब रजत पाटीदार आईपीएल ट्रॉफी के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस रूम में दाखिल हुए, तो उनके चेहरे पर एक ऐसी संतुष्टि थी जो शब्दों से परे थी। यह केवल एक जीत नहीं थी; यह रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) के लिए लगातार दूसरा खिताब था, और पाटीदार के लिए उनका 33वां जन्मदिन।

प्रभुत्व और निरंतरता

Patidar on RCB’s encore: ‘We didn’t just play but we dominated’ – यह वाक्य पाटीदार के आत्मविश्वास को दर्शाता है। पिछले साल के दबाव और इस साल की सहजता के बीच का अंतर बताते हुए, पाटीदार ने कहा कि इस बार टीम में एक अटूट विश्वास था। उन्होंने माना कि पिछले साल की तुलना में इस साल उनकी टीम ने केवल मैच नहीं जीते, बल्कि पूरे टूर्नामेंट में अपना दबदबा बनाए रखा।

बल्लेबाजी और कप्तानी का संतुलन

पाटीदार ने अपने प्रदर्शन का श्रेय दिनेश कार्तिक (DK) के साथ की गई कड़ी मेहनत को दिया। ऑफ-सीजन के दौरान तकनीक में किए गए बदलावों और मानसिक स्पष्टता का ही परिणाम था कि उन्होंने इस सीजन में 501 रन बनाए। कप्तानी के मोर्चे पर, उन्होंने फाफ डु प्लेसिस से बहुत कुछ सीखा, विशेष रूप से उनके शांत और आत्मविश्वासी बॉडी लैंग्वेज से।

कोचिंग स्टाफ की अहम भूमिका

पाटीदार ने टीम के गेंदबाजी कोच ओंकार साल्वी और मुख्य कोच एंडी फ्लावर की जमकर तारीफ की। साल्वी के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा कि वे पर्दे के पीछे रहकर गेंदबाजों के साथ व्यक्तिगत रूप से काम करते हैं, जिसका असर रसिक सलाम जैसे युवा गेंदबाजों के प्रदर्शन में दिखा। एंडी फ्लावर के प्रबंधन कौशल पर टिप्पणी करते हुए पाटीदार ने कहा कि वे अब तक के सबसे बेहतरीन कोच हैं जिनके साथ उन्होंने काम किया है।

बदलता टीम कल्चर

पाटीदार का मानना है कि 2021 के बाद से आरसीबी की टीम संस्कृति में बड़ा बदलाव आया है। कोचिंग स्टाफ अब हर खिलाड़ी को, चाहे वह प्लेइंग इलेवन का हिस्सा हो या न हो, समान महत्व देता है। यह समावेशी दृष्टिकोण टीम की सफलता का एक मुख्य कारण रहा है।

एक भावुक श्रद्धांजलि

सफलता के इस उल्लास के बीच, पाटीदार ने पिछले साल आरसीबी की पहली खिताबी जीत के बाद हुई त्रासदी को भी याद किया, जिसमें 11 प्रशंसकों ने अपनी जान गंवा दी थी। उन्होंने भावुक होते हुए कहा, ‘हमने अपने प्रशंसकों को खोया है, वे परिवार की तरह थे। मैं यह ट्रॉफी उन्हें समर्पित करना चाहता हूं।’

भविष्य की ओर देखते हुए

पाटीदार का ध्यान अब वर्तमान पर है, लेकिन उनकी महत्वाकांक्षा यहीं नहीं रुकती। उन्होंने स्पष्ट किया कि टीम का अगला लक्ष्य अब ‘हैट्रिक’ यानी लगातार तीसरी बार खिताब जीतना है। जिस तरह से उन्होंने अपनी कप्तानी और व्यक्तिगत खेल को निखारा है, उसे देखते हुए यह लक्ष्य असंभव नहीं लगता।

  • सीजन का प्रदर्शन: 501 रन, 192.69 का स्ट्राइक रेट।
  • टीम वर्क: कोचिंग स्टाफ द्वारा हर खिलाड़ी को समान अवसर।
  • दृष्टिकोण: दबाव को पीछे छोड़कर वर्तमान में जीने की कला।

रजत पाटीदार के नेतृत्व में आरसीबी ने न केवल एक टीम के रूप में अपनी पहचान बनाई है, बल्कि एक ऐसी इकाई बन गई है जो हर परिस्थिति में हावी होने की क्षमता रखती है। यह जीत न केवल प्रशंसकों के लिए एक उपहार है, बल्कि भारतीय क्रिकेट के उभरते हुए कप्तान के लिए एक मील का पत्थर भी है।

Noah Sharma

Noah Sharma is an award‑winning investigative correspondent for The Indian Express, where he uncovers the power structures, conflicts of interest, and ethical grey zones that shape modern cricket. A graduate of the Indian Institute of Mass Communication, Sharma broke into prominence with his exposés on insider‑trading allegations around IPL franchise owners, and he has since become one of the most respected — and feared — voices in South Asian sports journalism. His reporting spans boardroom politics at the BCCI, match‑fixing investigations, and the human stories behind the players and officials. Known for his meticulous sourcing and legal awareness, Sharma’s work has led to parliamentary inquiries and policy reforms. He also writes long‑form features on the evolving identity of Indian cricket and is a regular speaker at journalism schools across the subcontinent.