Latest Cricket News

Mitchell McClenaghan snubs Mitchell Starc, Arshdeep Singh to name IPL’s greatest

Liam Mehta · · 1 min read

IPL इतिहास के सबसे घातक बाएं हाथ के तेज गेंदबाज पर छिड़ी बहस

इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) का सफर 2008 में शुरू हुआ था, जब ब्रेंडन मैकुलम ने केकेआर के लिए खेलते हुए रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के खिलाफ 158* रनों की ऐतिहासिक पारी खेली थी। तब से लेकर आज तक, यह लीग दुनिया की सबसे बड़ी क्रिकेट फ्रेंचाइजी प्रतियोगिता बन गई है। इस दौरान लीग ने न केवल शानदार बल्लेबाज देखे हैं, बल्कि ऐसे घातक गेंदबाज भी देखे हैं जिन्होंने अपनी गेंदबाजी से खेल का रुख पूरी तरह बदल दिया।

बाएं हाथ के तेज गेंदबाजों का अपना एक अलग प्रभाव होता है। नई गेंद से स्विंग कराने से लेकर डेथ ओवर्स में यॉर्कर डालने तक, उनकी भूमिका हमेशा महत्वपूर्ण रही है। हाल ही में, न्यूजीलैंड के पूर्व तेज गेंदबाज मिचेल मैक्लेनाघन ने एक ‘विनर स्टेज़ ऑन’ (Winner Stays On) सत्र के दौरान IPL इतिहास के सबसे महान बाएं हाथ के तेज गेंदबाज को चुनने का चुनौतीपूर्ण काम किया।

प्रक्रिया और दिग्गजों का चयन

मैक्लेनाघन ने इस प्रक्रिया की शुरुआत डर्क नानेस और प्रदीप सांगवान के बीच चयन से की, जहाँ उन्होंने नानेस को चुना। इसके बाद उन्होंने डौग बोलिंगर, जेम्स फॉकनर, आरपी सिंह और आशीष नेहरा जैसे गेंदबाजों के बीच तुलना की। दिलचस्प बात यह है कि Mitchell McClenaghan snubs Mitchell Starc, Arshdeep Singh to name IPL’s greatest बाएं हाथ के तेज गेंदबाज के रूप में अपने पूर्व साथी ट्रेंट बोल्ट को चुना।

अपनी पसंद के बारे में बात करते हुए, मैक्लेनाघन ने जहीर खान और मुस्तफिजुर रहमान जैसे नामों पर भी विचार किया, लेकिन अंततः उन्होंने ट्रेंट बोल्ट को शीर्ष पर रखा। जब अंतिम मुकाबला ट्रेंट बोल्ट और ऑस्ट्रेलियाई दिग्गज मिचेल स्टार्क के बीच हुआ, तो मैक्लेनाघन ने बिना किसी हिचकिचाहट के ट्रेंट बोल्ट का समर्थन किया।

ट्रेंट बोल्ट का प्रभाव

ट्रेंट बोल्ट, जो 2020 में मुंबई इंडियंस के साथ आईपीएल खिताब जीत चुके हैं, पिछले कई वर्षों से लगातार नई गेंद से बेहतरीन प्रदर्शन करते आ रहे हैं। हालाँकि, मौजूदा सीजन में उन्हें नई गेंद से स्विंग हासिल करने में संघर्ष करना पड़ा है, जिसके कारण उनकी फ्रेंचाइजी के साथ भविष्य को लेकर भी चर्चाएं शुरू हो गई हैं। इसके बावजूद, मैक्लेनाघन के लिए वे अब भी इस लीग के सबसे प्रभावी बाएं हाथ के गेंदबाज बने हुए हैं।

अन्य गेंदबाजों का स्थान

इस पूरी प्रक्रिया के दौरान मैक्लेनाघन ने अर्शदीप सिंह और मिचेल स्टार्क जैसे आधुनिक युग के सितारों का भी जिक्र किया। अर्शदीप सिंह को उन्होंने जहीर खान के मुकाबले में पीछे रखा। जहीर खान के बारे में उन्होंने कहा कि समग्र प्रदर्शन के नजरिए से जहीर एक बेजोड़ गेंदबाज रहे हैं, लेकिन जब ‘विनर’ की बात आई, तो बोल्ट का पलड़ा भारी रहा।

  • डर्क नानेस: अपनी पीढ़ी के एक खतरनाक गेंदबाज।
  • आशीष नेहरा: निरंतरता के प्रतीक।
  • इरफान पठान: ऑलराउंड क्षमता के कारण मैक्लेनाघन की सूची में जगह बनाई।
  • जहीर खान: एक शानदार और अनुभवी भारतीय तेज गेंदबाज।

यह चर्चा इस बात को रेखांकित करती है कि भले ही क्रिकेट के आंकड़े बदल जाएं, लेकिन किसी भी खिलाड़ी का प्रभाव उसके साथियों की यादों में लंबे समय तक रहता है। ट्रेंट बोल्ट का नाम इस सूची में शीर्ष पर आना यह साबित करता है कि उन्होंने आईपीएल में किस स्तर की निरंतरता और प्रभाव बनाए रखा है। आगामी आईपीएल ऑक्शन और मैचों के दौरान यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या कोई नया गेंदबाज आकर इस मुकाम को चुनौती दे पाता है या नहीं।

क्या आप मैक्लेनाघन के इस फैसले से सहमत हैं? क्रिकेट प्रशंसक हमेशा इन दिग्गजों की तुलना करते रहते हैं, लेकिन अंत में, खेल की सुंदरता इसी बात में है कि हर किसी की अपनी पसंद और देखने का नज़रिया होता है।

Liam Mehta

Liam Mehta is the cricket correspondent for The Guardian, covering England’s men’s and women’s teams, the County Championship, and the global game with a special focus on South Asian cricket. Born in Leicester to a Punjabi father and a Welsh mother, Liam grew up straddling two cricketing cultures — the buzz of India‑Pakistan clashes at his local club and the village‑green rhythms of county weekends. After reading English at Oxford, he trained as a journalist at City, University of London, and began his career at Wisden, where his archival pieces on the late‑1970s Indian tours of England garnered wide praise. Today he writes match reports, long‑form features on diaspora identity, and columns that challenge cricket’s establishment. He is also the host of The Reverse Sweep, a Guardian podcast on cricket, culture, and the subcontinent’s hold on the summer game.