Dinesh Karthik adds fuel to Phil Salt-Brendon McCullum controversy before IPL 20 – IPL 2026: दिनेश कार्तिक और फिल साल्ट के बीच की जुगलबंदी पर बड़ी प्रतिक्रिया
IPL 2026 फाइनल से पहले चर्चा में दिनेश कार्तिक और फिल साल्ट का रिश्ता
आईपीएल 2026 का फाइनल मुकाबला बेहद रोमांचक मोड़ पर है। ऐसे में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) की टीम अपनी रणनीति को अंतिम रूप दे रही है। इस बीच, टीम के मेंटर और बल्लेबाजी कोच दिनेश कार्तिक का नाम चर्चा में बना हुआ है, खासकर इंग्लैंड के आक्रामक बल्लेबाज फिल साल्ट के साथ उनके पेशेवर तालमेल को लेकर। हाल ही में, साल्ट द्वारा कार्तिक की कोचिंग शैली की प्रशंसा किए जाने के बाद से क्रिकेट गलियारों में इस जोड़ी की काफी चर्चा हो रही है।
फिल साल्ट ने की दिनेश कार्तिक की तारीफ
कुछ सप्ताह पहले, जब इंग्लैंड की टीम अपने कोचिंग सेटअप को लेकर दबाव में थी, तब फिल साल्ट ने बिना किसी हिचकिचाहट के दिनेश कार्तिक की बुद्धिमानी और कोचिंग कौशल की तारीफ की थी। साल्ट ने स्पष्ट रूप से कहा था कि कार्तिक उन सर्वश्रेष्ठ कोचों में से एक हैं जिनके साथ उन्होंने अपने करियर में काम किया है। अप्रैल के पहले सप्ताह में जारी एक वीडियो में, साल्ट ने कार्तिक को ‘मास्टरमाइंड’ बताते हुए कहा था, ‘यह पिछले लंबे समय में मुझे मिली सबसे बेहतरीन कोचिंग है। डीके, आपकी देखरेख में काम करना बहुत अच्छा है।’
दिनेश कार्तिक का नजरिया: एक पारदर्शी रिश्ता
टाइम्स ऑफ इंडिया के साथ एक विशेष बातचीत में, दिनेश कार्तिक ने साल्ट की प्रशंसा का जवाब देते हुए कोचिंग के अपने दर्शन को साझा किया। कार्तिक का मानना है कि खिलाड़ी और कोच के बीच स्पष्ट और खुला संवाद ही सफलता की कुंजी है। उन्होंने कहा, ‘फिल ने दुनिया भर में क्रिकेट खेला है और कई कोचों के साथ काम किया है। यह देखना बहुत सुखद था कि उन्होंने मेरी सलाह को सराहा। मेरा काम उनकी खेल शैली को समझना और उसे बेहतर बनाने में मदद करना था। वह हमेशा सुधार के लिए तैयार रहते थे, जिसने मेरे काम को और आसान बना दिया।’
टीम संयोजन और मानसिक मजबूती का महत्व
आईपीएल 2026 के फाइनल से पहले, जहां RCB का मुकाबला राजस्थान रॉयल्स या गुजरात टाइटंस में से किसी एक से होना है, कार्तिक ने टीम के सामूहिकता पर जोर दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि व्यक्तिगत प्रदर्शन से कहीं अधिक महत्वपूर्ण टीम का संतुलन है। कार्तिक ने खिलाड़ियों को सलाह दी कि वे चयन को लेकर ज्यादा न सोचें। उन्होंने कहा, ‘विदेशी खिलाड़ियों के साथ इस तरह के खुले रिश्ते हमेशा फलदायी होते हैं। प्लेइंग इलेवन में न होना आपकी प्रतिभा को कम नहीं करता। टीम का संयोजन ही सर्वोपरि है, और खिलाड़ियों को सिलेक्शन स्टेटस के बोझ से बचना चाहिए।’
फाइनल की तैयारी और साल्ट की फिटनेस
फिल साल्ट के लिए यह सीजन उतार-चढ़ाव भरा रहा है। चोट के कारण ग्रुप स्टेज के कई मैचों से बाहर रहने के बाद, साल्ट ने इंग्लैंड जाकर अपना इलाज कराया और प्ले-ऑफ से ठीक पहले टीम में वापसी की। हालांकि, अभी भी यह पूरी तरह स्पष्ट नहीं है कि 31 मई को होने वाले फाइनल मुकाबले में वे प्लेइंग इलेवन का हिस्सा होंगे या नहीं। लेकिन उनकी उपस्थिति और ड्रेसिंग रूम में उनका सकारात्मक रवैया टीम के लिए एक बड़ा सहारा है।
कोच के रूप में कार्तिक की बढ़ती साख
दिनेश कार्तिक ने न केवल अपनी बल्लेबाजी से, बल्कि एक रणनीतिकार के रूप में भी अपनी एक अलग पहचान बनाई है। साल्ट के शब्दों में कहें तो, ‘कोचिंग स्टाफ से मिली जानकारी को पिच पर उतारने के लिए सरल बनाना कार्तिक की सबसे बड़ी ताकत है।’ यह देखना दिलचस्प होगा कि फाइनल मुकाबले में कार्तिक की यह ‘मास्टरमाइंड’ रणनीति RCB को खिताब दिलाने में कितनी कारगर साबित होती है।
क्रिकेट के जानकारों का मानना है कि दिनेश कार्तिक जैसे अनुभवी खिलाड़ी का कोच के रूप में होना टीम के युवा और अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों के लिए एक वरदान है। जैसे-जैसे फाइनल की तारीख नजदीक आ रही है, फैन्स की निगाहें साल्ट की फिटनेस और कार्तिक की रणनीतियों पर टिकी हुई हैं।
