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रियान पराग का वेपिंग विवाद: IPL ड्रेसिंग रूम प्राइवेसी और BCCI की सख्त कार्रवाई

Noah Sharma · · 1 min read

रियान पराग का ‘वेपिंग’ वीडियो: एक बड़ी लापरवाही या प्राइवेसी का उल्लंघन?

हाल ही में मुल्लानपुर, न्यू चंडीगढ़ में पंजाब किंग्स और राजस्थान रॉयल्स के बीच खेले गए मुकाबले के दौरान एक ऐसी घटना घटी, जिसने सोशल मीडिया से लेकर क्रिकेट बोर्ड (BCCI) तक खलबली मचा दी है। राजस्थान रॉयल्स के कप्तान रियान पराग को ड्रेसिंग रूम के भीतर ‘वेपिंग’ (ई-सिगरेट का उपयोग) करते हुए देखा गया। जैसे ही यह वीडियो सामने आया, प्रशंसकों और क्रिकेट विशेषज्ञों ने इसकी कड़ी आलोचना शुरू कर दी।

इस विवाद की गंभीरता इसलिए और बढ़ गई क्योंकि भारत सरकार ने देश में ई-सिगरेट और इलेक्ट्रॉनिक निकोटीन डिलीवरी सिस्टम (ENDS) पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगाया हुआ है। एक अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी का सार्वजनिक रूप से प्रतिबंधित पदार्थ का उपयोग करना न केवल अनुशासन का उल्लंघन है, बल्कि यह कानून के खिलाफ भी है।

ड्रेसिंग रूम प्राइवेसी: कप्तानों की पुरानी शिकायतें आईं सामने

रियान पराग की इस घटना ने एक पुराने और गहरे मुद्दे को फिर से जीवित कर दिया है—खिलाड़ियों की प्राइवेसी। रिपोर्ट्स के अनुसार, IPL 2026 सीजन से पहले कई टीम कप्तानों ने भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) के साथ एक बैठक में अपनी चिंताएं व्यक्त की थीं। कप्तानों का मुख्य मुद्दा यह था कि ड्रेसिंग रूम के भीतर ब्रॉडकास्ट कैमरों की मौजूदगी बहुत अधिक बढ़ गई है, जिससे खिलाड़ियों की निजता खतरे में है।

यह स्पष्ट करना महत्वपूर्ण है कि कप्तानों द्वारा उठाई गई यह चिंता ई-सिगरेट के उपयोग को छिपाने के लिए नहीं थी, बल्कि सामान्य प्राइवेसी को लेकर थी। एक पीटीआई (PTI) रिपोर्ट के अनुसार, खिलाड़ियों का मानना है कि ड्रेसिंग रूम वह जगह होती है जहां वे खुद को मानसिक रूप से तैयार करते हैं और कई बार वहां वे पूरी तरह से तैयार नहीं होते या कुछ निजी पल बिताना चाहते हैं, जहां कैमरों का दखल असहज करने वाला होता है।

BCCI और सूत्रों की प्रतिक्रिया: “अक्षम्य है यह व्यवहार”

इस पूरे मामले पर एक IPL 2026 सूत्र ने बातचीत करते हुए कहा कि हालांकि कैमरों का फीड दिखाना ब्रॉडकास्टर के हाथ में होता है, लेकिन अब BCCI इस विषय की समीक्षा करने के लिए मजबूर है। सूत्र ने रियान पराग की आलोचना करते हुए कहा, “जो उन्होंने किया वह किसी भी तरह से क्षम्य नहीं है। एक एलीट एथलीट का इस तरह धूम्रपान करते पकड़े जाना जनता के लिए एक गलत उदाहरण पेश करता है।”

सूत्र ने यह भी खुलासा किया कि कई खिलाड़ी ई-सिगरेट का सेवन करते हैं, लेकिन वे इसे ड्रेसिंग रूम जैसे जोखिम भरे स्थानों पर नहीं करते, जहां हर तरफ कैमरे लगे हों। पराग की इस लापरवाही ने न केवल उनकी अपनी छवि को नुकसान पहुँचाया है, बल्कि BCCI को ब्रॉडकास्ट प्रोटोकॉल पर दोबारा विचार करने के लिए विवश कर दिया है।

क्या होगा रियान पराग का भविष्य? कानूनी संकट की आहट

अब सवाल यह उठता है कि क्या BCCI इस मामले में कोई कड़ा disciplinary action लेगा? रिपोर्ट्स की मानें तो BCCI के अधिकारी पहले ही यह संकेत दे चुके हैं कि रियान पराग से उनके इस व्यवहार पर स्पष्टीकरण मांगा जाएगा।

इतना ही नहीं, यह मामला कानूनी मोड़ भी ले सकता है। चूंकि भारत में ई-सिगरेट प्रतिबंधित है, इसलिए सरकार इस मामले में हस्तक्षेप कर सकती है। कानून के मुताबिक, पहली बार अपराध करने वाले व्यक्ति को एक साल तक की कैद या 1 लाख रुपये तक का जुर्माना भुगतना पड़ सकता है।

मुख्य बिंदु और निष्कर्ष

  • घटना: रियान पराग ड्रेसिंग रूम में वेपिंग करते पकड़े गए।
  • कानूनी स्थिति: भारत में ई-सिगरेट पूरी तरह प्रतिबंधित है।
  • प्राइवेसी मुद्दा: IPL कप्तानों ने पहले ही ड्रेसिंग रूम में कैमरों की अधिकता की शिकायत की थी।
  • संभावित परिणाम: BCCI द्वारा स्पष्टीकरण की मांग और संभावित सरकारी जुर्माना या जेल।

यह घटना खेल जगत के लिए एक चेतावनी है कि खिलाड़ी मैदान के बाहर और भीतर अपनी जिम्मेदारियों को समझें। जहां एक ओर ब्रॉडकास्टर्स को खिलाड़ियों की निजता का सम्मान करना चाहिए, वहीं खिलाड़ियों को भी यह याद रखना चाहिए कि वे लाखों युवाओं के रोल मॉडल हैं और उनकी एक छोटी सी लापरवाही उनके करियर और कानूनी स्थिति पर भारी पड़ सकती है।

Noah Sharma

Noah Sharma is an award‑winning investigative correspondent for The Indian Express, where he uncovers the power structures, conflicts of interest, and ethical grey zones that shape modern cricket. A graduate of the Indian Institute of Mass Communication, Sharma broke into prominence with his exposés on insider‑trading allegations around IPL franchise owners, and he has since become one of the most respected — and feared — voices in South Asian sports journalism. His reporting spans boardroom politics at the BCCI, match‑fixing investigations, and the human stories behind the players and officials. Known for his meticulous sourcing and legal awareness, Sharma’s work has led to parliamentary inquiries and policy reforms. He also writes long‑form features on the evolving identity of Indian cricket and is a regular speaker at journalism schools across the subcontinent.