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गुजरात टाइटंस के लिए सरल गणित, लेकिन ‘ऊपरी सीमा’ मामले को जटिल बना रही है

Noah Sharma · · 1 min read

गुजरात टाइटंस के लिए सरल गणित, लेकिन ‘ऊपरी सीमा’ मामले को जटिल बना रही है

आईपीएल 2026 में गुजरात टाइटंस (GT) का सफर एक बार फिर चर्चा का केंद्र बना हुआ है। शनिवार को एडन गार्डन्स में कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) के खिलाफ उनकी मजबूत बल्लेबाजी के बावजूद 29 रनों से हार के बाद सवाल उठ रहे हैं कि क्या टीम वास्तव में टूर्नामेंट की ऊंचाइयों तक पहुंचने के लिए पर्याप्त गहराई रखती है?

मैच का सार: अर्धशतकों के बावजूद हार

गुजरात टाइटंस के लिए बल्लेबाजी में शुरुआत शानदार रही। शुबमन गिल (85), बी श्री सुधर्षन (53*) और जोस बटलर (57) ने सभी अर्धशतक जड़े। लक्ष्य के पीछे लगभग हर ओवर में कम से कम एक मजबूत बल्लेबाज क्रीज पर था, फिर भी टीम 248 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए 219/4 पर सिमट गई।

विशेषज्ञों की राय: क्या यही है GT की ऊपरी सीमा?

एसपीएनसीक्रिकइन्फो के शो टाइमआउट पर एमबीटी रायुडू ने सीधे शब्दों में कहा कि 220 रन लगभग टीम की हालिया क्षमता की सीमा है, खासकर जब ट्रैक मुश्किल हो।

रायुडू ने कहा, “वे दी गई परिस्थितियों और गेंदबाजी के मुकाबले अच्छी बल्लेबाजी कर रहे थे। शुबमन गिल के खेल में कुछ असाधारण प्रहार थे। बटलर थोड़े संघर्ष में थे, क्योंकि पिच और गेंदबाजी के कारण वे उन गेंदों का सामना नहीं कर पा रहे थे जिनकी उम्मीद कर रहे थे। बटलर अपने सर्वश्रेष्ठ रूप में बस देखते हैं और प्रतिक्रिया देते हैं।”

उन्होंने जोड़ा, “इसके अलावा, उन्होंने अपनी ओर से पूरी कोशिश की है। लेकिन गुजरात की बल्लेबाजी की यही ऊपरी सीमा लगती है।”

तीसरे नंबर के बाद की खाई

पूर्व भारतीय क्रिकेटर संजय बंगार ने भी बटलर के प्रदर्शन को “उनका सर्वश्रेष्ठ नहीं” बताया, लेकिन उनका फोकस टीम के ऊपरी क्रम के बाद बल्लेबाजी की कमजोरी पर था। शनिवार को निशांत सिंधु और राहुल तेवतिया ने मिलकर 8 गेंदों पर महज 4 रन बनाए।

बंगार ने टिप्पणी की, “अगर जीटी इसे स्वीकार करती है या नहीं, यह उनकी पसंद है, लेकिन बाहर से देखने पर यह एक समस्या लगती है। अगर आप 225 से अधिक रनों के लक्ष्य का पीछा करना चाहते हैं, तो यह एक बार फिर आपको नुकसान पहुंचाएगा।”

बैटिंग कोच पार्थिव पटेल का दृष्टिकोण

गुजरात के बैटिंग कोच पार्थिव पटेल ने हार को लेकर चिंता जताने से इनकार किया। उन्होंने श्री सुधर्षन के कोहनी के चोट को एक बड़ा मोड़ बताया, जिसके कारण वे तीसरे ओवर में 23 रन पर चोटिल होकर बाहर हो गए और अंतिम ओवरों में ही वापस आ पाए।

उन्होंने कहा, “पिछले छह मैचों में हमने पांच जीते हैं, और दो-तीन मैचों में लक्ष्य का पीछा करते हुए जीत हासिल की है। इसलिए मुझे नहीं लगता कि यह चिंता का विषय है।”

आवश्यकता: एक छहिया बल्लेबाज

बंगार ने सुझाव दिया कि GT को एक ऐसे बल्लेबाज की जरूरत है जो फिनिश कर सके। उन्होंने अनुज रावत के नाम की सिफारिश की, जिन्होंने आईपीएल 2022 से 2025 तक रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर (RCB) के लिए 22 मैच खेले लेकिन GT में अब तक सिर्फ बेंच पर बैठने का मौका मिला है।

बंगार के मुताबिक, “मुझे लगता है कि एक खिलाड़ी है। और हम लगातार उसे इम्पैक्ट लिस्ट में देखते हैं। अनुज रावत ऐसा खिलाड़ी है जो तेज गेंद और स्पिन दोनों के खिलाफ छक्के मार सकता है।”

अंतिम चरण: सरल गणित

अब गुजरात की निगाह थर्सडे के लीग स्टेज के आखिरी मैच पर है, जहां वे चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) के खिलाफ खेलेंगे। पार्थिव ने कहा कि योग्यता के लिए स्थिति स्पष्ट है।

“हमारे लिए स्थिति सरल है। हमें अन्य मैचों के परिणामों के बारे में चिंता करने की जरूरत नहीं है। यह हमारे हाथ में है। अगर हम जीतते हैं, तो हम योग्यता प्राप्त कर लेंगे, बस इतना ही।”

अगर आंकड़े सरल हैं, तो टीम की रणनीति भी है: गलतियों को कम करना और अपने मजबूत पक्षों को बढ़ाना। लेकिन आईपीएल 2026 में, क्या सरलता ही पर्याप्त होगी? समय ही बताएगा।

Noah Sharma

Noah Sharma is an award‑winning investigative correspondent for The Indian Express, where he uncovers the power structures, conflicts of interest, and ethical grey zones that shape modern cricket. A graduate of the Indian Institute of Mass Communication, Sharma broke into prominence with his exposés on insider‑trading allegations around IPL franchise owners, and he has since become one of the most respected — and feared — voices in South Asian sports journalism. His reporting spans boardroom politics at the BCCI, match‑fixing investigations, and the human stories behind the players and officials. Known for his meticulous sourcing and legal awareness, Sharma’s work has led to parliamentary inquiries and policy reforms. He also writes long‑form features on the evolving identity of Indian cricket and is a regular speaker at journalism schools across the subcontinent.