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पीएम मोदी का मिजोरम को बड़ा तोहफा: क्रिकेट के लिए बनी अत्याधुनिक इनडोर एकेडमी

Liam Mehta · · 1 min read

पूर्वोत्तर भारत में क्रिकेट की नई सुबह: पीएम मोदी ने मिजोरम में किया अत्याधुनिक एकेडमी का उद्घाटन

भारत में क्रिकेट का जुनून अब केवल मुंबई, दिल्ली या बेंगलुरु जैसे महानगरों तक सीमित नहीं रह गया है। खेल की यह लोकप्रियता अब देश के उन कोनों तक पहुँच रही है जहाँ कभी संसाधनों का अभाव था। इसी दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में पूर्वोत्तर राज्य मिजोरम में क्रिकेट के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए एक बड़ी पहल की है।

28 अप्रैल को, प्रधानमंत्री मोदी ने वर्चुअल माध्यम से मिजोरम की राजधानी आइज़ोल में एक अत्याधुनिक इनडोर क्रिकेट एकेडमी का उद्घाटन किया। यह एकेडमी न केवल राज्य के लिए बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए क्रिकेट के विकास का एक नया केंद्र बनने जा रही है। इस परियोजना की सबसे खास बात इसकी लागत है; इस विश्व स्तरीय सुविधा का निर्माण लगभग 18.25 करोड़ रुपये (करीब 2 मिलियन डॉलर) की भारी राशि से किया गया है।

बीसीसीआई और मिजोरम क्रिकेट एसोसिएशन की साझा उपलब्धि

इस भव्य इनडोर क्रिकेट एकेडमी का विकास मिजोरम क्रिकेट एसोसिएशन और भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) के संयुक्त तत्वावधान और प्रायोजन के तहत किया गया है। यह साझेदारी इस बात का प्रमाण है कि भारतीय क्रिकेट का प्रशासनिक ढांचा अब समावेशी विकास पर ध्यान केंद्रित कर रहा है, ताकि देश के हर कोने से प्रतिभाएं उभर सकें।

उद्घाटन के दौरान, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खेल बुनियादी ढांचे को महानगरों से बाहर ले जाने के सरकारी प्रयासों पर जोर दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस तरह की पहल न केवल युवा प्रतिभाओं को निखारने में मदद करेगी, बल्कि उन्हें राष्ट्रीय क्रिकेट पारिस्थितिकी तंत्र (national cricketing ecosystem) का हिस्सा बनने के लिए एक मजबूत मंच भी प्रदान करेगी।

एकेडमी की विशेषताएं: एक संपूर्ण स्पोर्ट्स और वेलनेस सेंटर

आइज़ोल में बनी यह एकेडमी केवल एक प्रशिक्षण केंद्र नहीं है, बल्कि इसे एक व्यापक स्पोर्ट्स और वेलनेस सेंटर के रूप में डिजाइन किया गया है। यहाँ प्रशिक्षण, फिटनेस और रिकवरी की सभी सुविधाएं एक ही छत के नीचे उपलब्ध हैं। इस परियोजना पर काम जुलाई 2023 में शुरू हुआ था और इसे आधुनिकतम मानकों के अनुरूप तैयार किया गया है।

सुविधाओं की बात करें तो इस एकेडमी का बुनियादी ढांचा बेहद प्रभावशाली है:

  • ग्राउंड फ्लोर: यहाँ एक आधुनिक जिम, स्विमिंग पूल और कैफेटेरिया बनाया गया है। इसके अलावा, खिलाड़ियों के लिए लॉकर रूम, आइस बाथ और मसाज सुविधाएं भी उपलब्ध हैं, जो एथलीटों की रिकवरी के लिए अनिवार्य हैं।
  • तकनीकी सुविधाएं: केंद्र में समर्पित आईटी और इलेक्ट्रिकल रूम्स बनाए गए हैं ताकि आधुनिक विश्लेषण उपकरणों का उपयोग किया जा सके।
  • प्रशिक्षण क्षेत्र: यहाँ कई इनडोर क्रिकेट ट्रेनिंग पिचें हैं, जो महत्वाकांक्षी क्रिकेटरों को पेशेवर वातावरण प्रदान करती हैं।
  • दर्शक सुविधाएं: एकेडमी में एक व्यूइंग डेक और छत वाला क्षेत्र (terrace area) भी है, जहाँ से दर्शक और कोच प्रशिक्षण सत्रों पर नज़र रख सकते हैं।

स्थानीय अधिकारियों के अनुसार, इस इनडोर सुविधा का सबसे बड़ा लाभ यह है कि अब मिजोरम के खिलाड़ी साल भर प्रशिक्षण ले सकेंगे, चाहे मौसम कितना भी प्रतिकूल क्यों न हो। पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश के कारण अक्सर खेल बाधित होते हैं, लेकिन अब यह समस्या समाप्त हो जाएगी।

मिजोरम क्रिकेट का संघर्ष और भविष्य की राह

मिजोरम के लिए यह सुविधा किसी वरदान से कम नहीं है। मिजोरम ने घरेलू क्रिकेट में अपनी औपचारिक शुरुआत 2018 के सीजन में की थी, जब उन्होंने सोविमा के नगालैंड क्रिकेट एसोसिएशन स्टेडियम में नगालैंड के खिलाफ अपना पहला मैच खेला था।

हालांकि, सफर आसान नहीं रहा है। हाल ही में, 2025-26 रणजी ट्रॉफी सीजन के प्लेट ग्रुप में मिजोरम की टीम को संघर्ष करना पड़ा और पाँच मैचों में पाँच हार के साथ टीम तालिका में सबसे नीचे रही। मिजोरम की इस चुनौती का मुख्य कारण सीमित संसाधन और बुनियादी ढांचे की कमी रही है।

विशेषज्ञों का मानना है कि आइज़ोल की यह नई इनडोर एकेडमी मिजोरम क्रिकेट के लिए एक ‘वॉटरशेड मोमेंट’ (निर्णायक मोड़) साबित होगी। जब खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की ट्रेनिंग और सुविधाएं मिलेंगी, तो उनके प्रदर्शन में सुधार होना निश्चित है।

पूर्वोत्तर भारत में क्रिकेट का विस्तार

यह केवल मिजोरम की बात नहीं है, बल्कि पूरे पूर्वोत्तर क्षेत्र में क्रिकेट की लहर चल रही है। मिजोरम के अलावा, हाल के दिनों में सिक्किम, मेघालय, मणिपुर, अरुणाचल प्रदेश और नगालैंड जैसे राज्यों में भी इसी तरह की आधुनिक सुविधाओं का उद्घाटन किया गया है। यह दर्शाता है कि भारत का क्रिकेट मैप अब वास्तव में विस्तृत हो रहा है, और भविष्य में हमें पूर्वोत्तर के राज्यों से कई अंतरराष्ट्रीय सितारे देखने को मिल सकते हैं।

Liam Mehta

Liam Mehta is the cricket correspondent for The Guardian, covering England’s men’s and women’s teams, the County Championship, and the global game with a special focus on South Asian cricket. Born in Leicester to a Punjabi father and a Welsh mother, Liam grew up straddling two cricketing cultures — the buzz of India‑Pakistan clashes at his local club and the village‑green rhythms of county weekends. After reading English at Oxford, he trained as a journalist at City, University of London, and began his career at Wisden, where his archival pieces on the late‑1970s Indian tours of England garnered wide praise. Today he writes match reports, long‑form features on diaspora identity, and columns that challenge cricket’s establishment. He is also the host of The Reverse Sweep, a Guardian podcast on cricket, culture, and the subcontinent’s hold on the summer game.