रियान पराग वेपिंग विवाद: क्या राजस्थान रॉयल्स के कप्तान को हो सकती है जेल?
रियान पराग का वेपिंग विवाद: क्या आईपीएल कप्तान मुसीबत में हैं?
आईपीएल 2026 में राजस्थान रॉयल्स (RR) और पंजाब किंग्स (PBKS) के बीच मुल्लांपुर में खेला गया मुकाबला खेल के लिहाज से रोमांचक रहा, लेकिन सुर्खियों में मैच का परिणाम नहीं, बल्कि राजस्थान के कप्तान रियान पराग का एक विवादित वीडियो रहा। मैच के दौरान ड्रेसिंग रूम में पराग को वेपिंग (Vaping) करते देखा गया, जो भारत में कानूनन प्रतिबंधित है।
मैदान पर राजस्थान का दबदबा
पंजाब किंग्स, जो इस सीजन में अब तक अजय थी, को राजस्थान रॉयल्स ने कड़ी टक्कर दी। पंजाब ने पहले बल्लेबाजी करते हुए मार्कस स्टोइनिस की तूफानी पारी की बदौलत 222 रनों का मजबूत स्कोर खड़ा किया। जवाब में राजस्थान के लिए वैभव सूर्यवंशी (43 रन, 16 गेंद) और यशस्वी जायसवाल (51 रन, 27 गेंद) ने आक्रामक शुरुआत दी। अंत में शुभम दुबे और डोनोवन फरेरा की आतिशी बल्लेबाजी ने राजस्थान को जीत की दहलीज पार कराई।
वेपिंग वीडियो: क्या है कानूनन स्थिति?
मैच के 16वें ओवर के दौरान जब कैमरा राजस्थान रॉयल्स के ड्रेसिंग रूम की ओर मुड़ा, तो रियान पराग वेप का उपयोग करते हुए दिखे। भारत में ‘प्रोहिबिशन ऑफ इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट एक्ट (PECA), 2019’ के तहत ई-सिगरेट का निर्माण, भंडारण, बिक्री और उपयोग पूरी तरह से प्रतिबंधित है।
- कानूनी परिणाम: कानून के जानकारों के अनुसार, इस अधिनियम के उल्लंघन पर एक साल तक की कैद या एक लाख रुपये तक का जुर्माना, या दोनों हो सकते हैं।
- बीसीसीआई की नीति: बीसीसीआई के ‘प्लेयर्स एंड मैच ऑफिशियल्स एरिया’ (PMOA) में इस तरह के उत्पादों का उपयोग करना सख्त वर्जित है।
क्या बीसीसीआई सख्त कार्रवाई करेगा?
रिपोर्टों के अनुसार, बीसीसीआई इस मामले को हल्के में नहीं लेने वाला है। एक सूत्र ने बताया, “वेपिंग में उपयोग होने वाले हानिकारक पदार्थों और स्वास्थ्य संबंधी अनिश्चितताओं के कारण इसे प्रतिबंधित किया गया है। एक एलीट एथलीट के लिए ऐसा आचरण बिल्कुल भी स्वीकार्य नहीं है। बीसीसीआई निश्चित रूप से इस पर संज्ञान लेगा।”
राजस्थान रॉयल्स का विवादों से पुराना नाता
राजस्थान रॉयल्स का इतिहास विवादों से जुड़ा रहा है। 2013 के मैच फिक्सिंग कांड के बाद टीम को दो साल के लिए प्रतिबंधित किया गया था। हाल ही में टीम मैनेजर रोमी भिंदर पर भी पीएमओए क्षेत्र में मोबाइल फोन इस्तेमाल करने के लिए जुर्माना लगाया गया था। ऐसे में रियान पराग का यह कृत्य फ्रेंचाइजी की छवि को और धूमिल करने वाला है।
निष्कर्ष: एक कप्तान की जिम्मेदारी
एक आईपीएल कप्तान लाखों युवाओं का आदर्श होता है। मैदान पर की गई यह गलती न केवल बीसीसीआई के मानकों का उल्लंघन है, बल्कि टीम की प्रतिष्ठा के लिए भी एक बड़ा झटका है। हालांकि राजस्थान रॉयल्स प्रतिभाओं को निखारने के लिए जानी जाती है, लेकिन अनुशासन के मामले में अब फ्रेंचाइजी को आत्ममंथन करने की आवश्यकता है। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि बीसीसीआई इस मामले में क्या कदम उठाता है और पराग के खिलाफ क्या अनुशासनात्मक कार्रवाई होती है।
क्या रियान पराग को इस व्यवहार के लिए निलंबित किया जाना चाहिए? अपनी राय हमें कमेंट सेक्शन में जरूर बताएं।
