News

बांग्लादेश सरकार ने 2026 टी20 वर्ल्ड कप विवाद की जांच के लिए समिति गठित की

Manish Nair · · 1 min read

बांग्लादेश सरकार ने टी20 वर्ल्ड कप विवाद की जांच शुरू की

बांग्लादेश सरकार ने हाल ही में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए 2026 टी20 वर्ल्ड कप के दौरान उत्पन्न हुए उस विवादास्पद निर्णय की जांच के लिए एक समिति का गठन किया है, जिसके कारण बांग्लादेश को टूर्नामेंट से बाहर होना पड़ा था। यह मामला न केवल खेल बल्कि कूटनीतिक स्तर पर भी चर्चा का विषय रहा था।

समिति का गठन और उद्देश्य

खेल मंत्रालय द्वारा सोमवार को की गई घोषणा के अनुसार, अतिरिक्त सचिव डॉ. एकेएम वली उल्लाह को इस समिति का प्रमुख नियुक्त किया गया है। समिति में पूर्व बांग्लादेशी कप्तान और मुख्य चयनकर्ता हबीबुल बशर और फैसल दस्तगीर भी शामिल हैं। इन तीन सदस्यीय दल को 15 कार्यदिवसों के भीतर अपनी विस्तृत रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया गया है। समिति का मुख्य कार्य यह समझना है कि बांग्लादेश ने किन परिस्थितियों और किनके आदेश पर टी20 वर्ल्ड कप के लिए अपनी टीम नहीं भेजी थी।

विवाद की शुरुआत: जनवरी 2026

यह पूरा घटनाक्रम जनवरी 2026 की शुरुआत में शुरू हुआ। 3 जनवरी को बीसीसीआई ने कोलकाता नाइट राइडर्स को मुस्तफिजुर रहमान को आईपीएल 2026 टीम से बाहर करने का निर्देश दिया था। उस समय भारत और बांग्लादेश के बीच राजनयिक संबंधों में तनाव था। इस घटना के बाद तत्कालीन बांग्लादेशी खेल सलाहकार आसिफ नजरुल ने सोशल मीडिया पर एक विवादित बयान दिया।

आसिफ नजरुल ने मांग की कि बांग्लादेश के वर्ल्ड कप मैचों को भारत से हटाकर श्रीलंका स्थानांतरित किया जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा था कि यदि एक बांग्लादेशी खिलाड़ी भारत में सुरक्षित महसूस नहीं कर रहा है, तो पूरी टीम के लिए भारत में खेलना सुरक्षित नहीं है। इस बयान के बाद बीसीबी (बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड) ने आईसीसी को अपनी असमर्थता जता दी थी।

आईसीसी की प्रतिक्रिया और टूर्नामेंट से बाहर होना

बीसीबी के इस कदम को आईसीसी ने स्वीकार करने से इनकार कर दिया। आईसीसी का मानना था कि बांग्लादेश के पास भारत में खेलने के लिए सुरक्षा संबंधी कोई ठोस आधार नहीं था। आईसीसी के प्रतिनिधिमंडल ने बांग्लादेश का दौरा भी किया, लेकिन गतिरोध बना रहा। अंततः 24 जनवरी को आईसीसी बोर्ड ने बांग्लादेश की मांग को खारिज करते हुए उन्हें टूर्नामेंट से बाहर कर दिया और उनकी जगह स्कॉटलैंड को शामिल किया गया।

सरकार का रुख और यू-टर्न

दिलचस्प बात यह है कि चुनाव से एक दिन पहले, आसिफ नजरुल ने अपने बयानों से यू-टर्न ले लिया और जिम्मेदारी खिलाड़ियों पर मढ़ दी। हालांकि, अब नई सरकार के गठन के बाद, खेल मंत्री अमीनुल हक ने स्पष्ट किया है कि वे भारत के साथ खेल संबंधों को सुधारने के पक्ष में हैं। उन्होंने संसद में यह भी कहा कि इस पूरे मामले में बीसीबी और पिछली सरकार द्वारा बरती गई लापरवाही की गहन जांच होनी चाहिए।

निष्कर्ष

यह जांच न केवल बांग्लादेश क्रिकेट के इतिहास के एक काले अध्याय को स्पष्ट करेगी, बल्कि यह भी तय करेगी कि भविष्य में खेल को राजनीति से दूर रखकर कैसे आगे बढ़ाया जाए। क्रिकेट प्रेमियों की नजरें अब इस समिति की रिपोर्ट पर टिकी हैं, जो यह बताएगी कि आखिर उस वक्त पर्दे के पीछे क्या हुआ था जिसने बांग्लादेश को विश्व क्रिकेट के सबसे बड़े मंच से बाहर कर दिया था।

Manish Nair
Manish Nair

Manish Nair is a multimedia journalist at newscricket.today, where he bridges the gap between the traditional cricket pitch and the digital fan experience. Specializing in trending narratives and the social media pulse of the sport, Manish tracks how the game lives and breathes beyond the 22 yards. Whether it's a viral moment in the PSL or a rising star in the Ranji Trophy, Finn delivers the stories that get the subcontinent talking. To him, cricket isn't just a scoreboard—it's a 24/7 conversation.