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पाकिस्तान बनाम बांग्लादेश पहला टेस्ट: पाकिस्तान ने टॉस जीतकर चुनी गेंदबाजी, बाबर आजम बाहर

Noah Sharma · · 1 min read

ढाका टेस्ट: पाकिस्तान का टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का निर्णय

पाकिस्तान और बांग्लादेश के बीच दो मैचों की आईसीसी वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) श्रृंखला का पहला मुकाबला आज ढाका में शुरू हुआ। एक खुशनुमा सुबह पाकिस्तान के कप्तान शान मसूद ने टॉस जीता और पिच पर मौजूद घास और नमी का फायदा उठाने के लिए पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया। मसूद का यह निर्णय काफी हद तक पिच की परिस्थितियों और उनके पास मौजूद मजबूत तेज गेंदबाजी आक्रमण से प्रेरित था।

बाबर आजम का बाहर होना पाकिस्तान के लिए बड़ा झटका

मैच की शुरुआत से ठीक पहले पाकिस्तान को एक बहुत बड़ा झटका लगा जब उनके स्टार बल्लेबाज और पूर्व कप्तान बाबर आजम को टीम से बाहर होना पड़ा। गुरुवार रात को बाबर के बाएं घुटने में तेज दर्द की शिकायत हुई थी, जिसके बाद मेडिकल टीम ने उन्हें आराम करने की सलाह दी। बाबर की अनुपस्थिति पाकिस्तान के बल्लेबाजी क्रम के लिए एक बड़ी चुनौती साबित हो सकती है, विशेष रूप से मध्यक्रम में जहां उनके अनुभव की कमी खलेगी।

दो नए खिलाड़ियों का पदार्पण

बाबर आजम की कमी को पूरा करने और भविष्य की तैयारी के लिए पाकिस्तान ने इस मैच में दो युवा खिलाड़ियों को टेस्ट कैप सौंपी है। अजान ओवैस ने आज अपना टेस्ट डेब्यू किया और वह इमाम-उल-हक के साथ पारी की शुरुआत करते नजर आएंगे। वहीं, अब्दुल्ला फजल को तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी के लिए चुना गया है। इन दोनों ही युवा बल्लेबाजों के लिए यह एक सुनहरा अवसर है कि वे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी छाप छोड़ सकें।

पाकिस्तान का तेज गेंदबाजी आक्रमण

शान मसूद ने पिच की हरियाली को देखते हुए अपनी टीम में तीन विशुद्ध तेज गेंदबाजों को शामिल किया है। शाहीन शाह अफरीदी आक्रमण की अगुवाई करेंगे, जबकि हसन अली और अनुभवी मोहम्मद अब्बास उनका साथ देंगे। स्पिन विभाग की जिम्मेदारी नोमान अली के कंधों पर होगी, जबकि साजिद खान को इस मैच के लिए प्लेइंग इलेवन में जगह नहीं मिल पाई है। पाकिस्तान की रणनीति स्पष्ट है कि वे खेल के शुरुआती घंटों में बांग्लादेशी शीर्ष क्रम पर दबाव बनाना चाहते हैं।

बांग्लादेश की टीम और टास्कइन अहमद की वापसी

मेजबान बांग्लादेश ने भी इस मुकाबले के लिए अपनी रणनीति में बदलाव किया है और वे तीन तेज गेंदबाजों के साथ मैदान पर उतरे हैं। टीम में नाहिद राणा, एबादोत हुसैन और अनुभवी टास्कइन अहमद को शामिल किया गया है। टास्कइन अहमद के लिए यह मैच काफी भावनात्मक है क्योंकि वे लंबे समय के बाद लाल गेंद के क्रिकेट में वापसी कर रहे हैं। उन्होंने अपना पिछला टेस्ट मैच 2024 के अंत में खेला था, और उनकी वापसी से बांग्लादेश का गेंदबाजी पक्ष काफी संतुलित नजर आ रहा है।

ऐतिहासिक संदर्भ और WTC की अहमियत

अगर इतिहास पर नजर डालें तो बांग्लादेश का मनोबल काफी ऊंचा होगा। पिछली बार जब अगस्त 2024 में ये दोनों टीमें रावलपिंडी में भिड़ी थीं, तब बांग्लादेश ने पाकिस्तान को 2-0 से हराकर ऐतिहासिक क्लीन स्वीप किया था। हालांकि, दोनों ही टीमें पिछले कई महीनों से टेस्ट क्रिकेट से दूर रही हैं और इस वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप चक्र में दोनों ने अब तक केवल दो-दो मैच ही खेले हैं। ऐसे में अंक तालिका में अपनी स्थिति सुधारने के लिए यह श्रृंखला दोनों टीमों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।

दोनों टीमों की अंतिम प्लेइंग इलेवन

पाकिस्तान की प्लेइंग इलेवन:

  • अजान ओवैस
  • इमाम-उल-हक
  • अब्दुल्ला फजल
  • शान मसूद (कप्तान)
  • सऊद शकील
  • मोहम्मद रिजवान (विकेटकीपर)
  • सलमान आगा
  • शाहीन शाह अफरीदी
  • नोमान अली
  • हसन अली
  • मोहम्मद अब्बास

बांग्लादेश की प्लेइंग इलेवन:

  • नजमुल हुसैन शांतो (कप्तान)
  • महमुदुल हसन जॉय
  • शादमान इस्लाम
  • मोमिनुल हक
  • मुश्फिकुर रहीम
  • लिटन दास (विकेटकीपर)
  • मेहदी हसन मिराज
  • तैजुल इस्लाम
  • टास्कइन अहमद
  • नाहिद राणा
  • एबादोत हुसैन

मैच के पहले सत्र में पाकिस्तानी गेंदबाजों की नजरें जल्द से जल्द विकेट निकालने पर होंगी, जबकि बांग्लादेशी बल्लेबाजों को पिच की शुरुआती नमी से सावधान रहना होगा। यह देखना दिलचस्प होगा कि ढाका की यह पिच खेल के आगे बढ़ने के साथ कैसा व्यवहार करती है।

Noah Sharma

Noah Sharma is an award‑winning investigative correspondent for The Indian Express, where he uncovers the power structures, conflicts of interest, and ethical grey zones that shape modern cricket. A graduate of the Indian Institute of Mass Communication, Sharma broke into prominence with his exposés on insider‑trading allegations around IPL franchise owners, and he has since become one of the most respected — and feared — voices in South Asian sports journalism. His reporting spans boardroom politics at the BCCI, match‑fixing investigations, and the human stories behind the players and officials. Known for his meticulous sourcing and legal awareness, Sharma’s work has led to parliamentary inquiries and policy reforms. He also writes long‑form features on the evolving identity of Indian cricket and is a regular speaker at journalism schools across the subcontinent.