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IPL 2026: दिल्ली कैपिटल्स में स्वामित्व बदलाव की हलचल, जानें क्या है पूरी योजना

Liam Mehta · · 1 min read

IPL 2026 में दिल्ली कैपिटल्स का खराब दौर और स्वामित्व को लेकर हलचल

इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2026 का संस्करण दिल्ली कैपिटल्स के लिए किसी बुरे सपने से कम नहीं रहा है। मैदान पर टीम का प्रदर्शन लगातार गिरता जा रहा है, और अब इसका असर टीम के मैनेजमेंट और ओनरशिप ढांचे पर भी पड़ता दिख रहा है। दिल्ली कैपिटल्स का स्वामित्व संयुक्त रूप से जीएमआर ग्रुप (GMR Group) और पार्थ जिंदल के जेएसडब्ल्यू ग्रुप (JSW Group) के पास है। हालिया रिपोर्ट्स के अनुसार, टीम के निराशाजनक प्रदर्शन के बाद मालिक अब ओनरशिप कार्यकाल में बदलाव की योजना बना रहे हैं।

मैदान पर दिल्ली कैपिटल्स का संघर्ष

टूर्नामेंट की शुरुआत शानदार करने के बाद, दिल्ली कैपिटल्स ने अपनी लय पूरी तरह से खो दी है। पिछले चार मैचों में से तीन में हार ने टीम की प्लेऑफ की उम्मीदों को करारा झटका दिया है। विशेष रूप से अपने घरेलू मैदान, अरुण जेटली स्टेडियम में टीम का प्रदर्शन चिंता का विषय रहा है। चेन्नई सुपर किंग्स के खिलाफ हालिया मुकाबले में दिल्ली के बल्लेबाजों ने घुटने टेक दिए। शीर्ष क्रम के विफल होने के कारण टीम 69/5 के स्कोर पर लड़खड़ा गई थी। हालांकि ट्रिस्टन स्टब्स और समीर रिज़वी ने संघर्ष किया, लेकिन सीएसके के संजू सैमसन की शानदार पारी ने दिल्ली को जीत से दूर रखा।

ओनरशिप कार्यकाल में बदलाव का प्रस्ताव

मौजूदा ढांचे के अनुसार, दिल्ली कैपिटल्स का संचालन दो-दो साल के चक्र में होता है। लेकिन अब ‘क्रिकब्लॉगर’ की रिपोर्ट के मुताबिक, जीएमआर ग्रुप ने एक नया प्रस्ताव रखा है जिसमें इस कार्यकाल को बढ़ाकर तीन साल करने की बात कही गई है। इस बदलाव का मुख्य उद्देश्य फ्रेंचाइजी के संचालन में स्थिरता लाना है। जेएसडब्ल्यू ग्रुप, जो 50% हिस्सेदारी रखता है, इस प्रस्ताव पर विचार कर सकता है। यह निर्णय काफी हद तक टीम के प्लेऑफ में पहुंचने की संभावनाओं पर भी निर्भर करेगा, जो फिलहाल तेजी से कम हो रही हैं।

तीन साल का कार्यकाल क्यों जरूरी है?

विशेषज्ञों का मानना है कि तीन साल का कार्यकाल टीम के लिए कई समस्याओं का समाधान हो सकता है:

  • रणनीतिक निरंतरता: आईपीएल का मेगा ऑक्शन भी तीन साल के चक्र में होता है, इसलिए ओनरशिप का तीन साल का कार्यकाल टीम निर्माण के लिए अधिक उपयुक्त है।
  • दीर्घकालिक योजना: लंबे कार्यकाल से प्रबंधन को खिलाड़ी की भूमिकाओं को विकसित करने और नेतृत्व में निरंतरता बनाए रखने में मदद मिलेगी।
  • प्रदर्शन में सुधार: आंकड़ों पर गौर करें तो जेएसडब्ल्यू ग्रुप के संचालन के दौरान दिल्ली ने प्लेऑफ में जगह बनाई है, जबकि जीएमआर के कार्यकाल में टीम को अक्सर संघर्ष करना पड़ा है। एक लंबा कार्यकाल इस असंतुलन को दूर करने में मददगार हो सकता है।

प्लेऑफ की रेस और भविष्य की चुनौतियां

चेन्नई सुपर किंग्स के खिलाफ हार के बाद दिल्ली कैपिटल्स ने 10 मैचों में 6 हार और केवल 4 जीत के साथ 8 अंक अर्जित किए हैं। टीम का नेट रन रेट (NRR) भी काफी खराब है, जो उन्हें प्लेऑफ की दौड़ में कमजोर बनाता है। अंक तालिका में उनसे नीचे केवल मुंबई इंडियंस और लखनऊ सुपर जायंट्स हैं। यदि दिल्ली कैपिटल्स को प्रतियोगिता में बने रहना है, तो उन्हें न केवल अपने बचे हुए मैच जीतने होंगे, बल्कि अन्य टीमों के परिणामों पर भी निर्भर रहना होगा।

दिल्ली कैपिटल्स का इतिहास देखें तो वे आईपीएल के आठ मूल सदस्यों में से एक हैं, लेकिन अब तक एक बार भी खिताब नहीं जीत पाए हैं। 2020 का फाइनल उनका अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन रहा है। ऐसे में स्वामित्व में बदलाव का यह प्रस्ताव क्या टीम की किस्मत बदल पाएगा? यह तो आने वाला समय ही बताएगा, लेकिन इतना तय है कि दिल्ली कैपिटल्स के खेमे में बड़े बदलावों की बयार चल रही है।

Liam Mehta

Liam Mehta is the cricket correspondent for The Guardian, covering England’s men’s and women’s teams, the County Championship, and the global game with a special focus on South Asian cricket. Born in Leicester to a Punjabi father and a Welsh mother, Liam grew up straddling two cricketing cultures — the buzz of India‑Pakistan clashes at his local club and the village‑green rhythms of county weekends. After reading English at Oxford, he trained as a journalist at City, University of London, and began his career at Wisden, where his archival pieces on the late‑1970s Indian tours of England garnered wide praise. Today he writes match reports, long‑form features on diaspora identity, and columns that challenge cricket’s establishment. He is also the host of The Reverse Sweep, a Guardian podcast on cricket, culture, and the subcontinent’s hold on the summer game.