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‘She’s been threatening for a long time’ – Australia’s depth delivers as Wareham

Noah Sharma · · 1 min read

ऑस्ट्रेलियाई टीम की बेजोड़ गहराई और चोटों का प्रबंधन

महिला टी20 वर्ल्ड कप में ऑस्ट्रेलियाई टीम ने अपनी उस असाधारण गहराई का प्रदर्शन किया है जो उन्हें इस टूर्नामेंट के अंतिम चरणों में एक बेहद मजबूत स्थिति में खड़ा कर सकती है। टीम के भीतर प्रतिस्पर्धा और प्रतिभा का स्तर ऐसा है कि प्रमुख खिलाड़ियों की चोटों के बावजूद टीम के प्रदर्शन में कोई गिरावट नहीं आई है।

हाल ही में, साउथेम्प्टन में नीदरलैंड्स के खिलाफ खेले गए मैच में ऑस्ट्रेलिया ने 98 रनों की शानदार जीत दर्ज की थी। हालांकि, इस मैच में मांसपेशियों में खिंचाव (क्वाड इंजरी) के कारण फीबी लिचफील्ड हिस्सा नहीं ले पाई थीं। उम्मीद जताई जा रही है कि वह हेडिंग्ले में पाकिस्तान के खिलाफ होने वाले अगले मुकाबले से भी बाहर रह सकती हैं।

लिचफील्ड की अनुपस्थिति के अलावा, स्टार बल्लेबाज बेथ मूनी को भी नीदरलैंड्स के खिलाफ मैच के दौरान पीठ में जकड़न महसूस हुई थी। उन्होंने एहतियात के तौर पर 74 रनों की शानदार पारी खेलने के बाद रिटायर्ड हर्ट होने का फैसला किया। मूनी की अनुपस्थिति में जॉर्जिया वॉल ने विकेटकीपिंग की जिम्मेदारी संभाली। दूसरी ओर, टखने की मोच के कारण बांग्लादेश के खिलाफ नौ विकेट की जीत से बाहर रहने वाली एश गार्डनर ने शानदार वापसी की और नीदरलैंड्स के खिलाफ एक बेहतरीन अर्धशतक जमाकर अपनी फॉर्म और फिटनेस का परिचय दिया।

जॉर्जिया वेयरहम: मध्यक्रम की नई महाशक्ति

इन सभी बदलावों के बीच, ऑलराउंडर जॉर्जिया वेयरहम ने ऑस्ट्रेलिया के मध्यक्रम को जबरदस्त मजबूती प्रदान की है। उन्होंने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ शुरुआती मैच में 32 रनों की आक्रामक पारी खेली थी और स्पिन-अनुकूल परिस्थितियों में शानदार गेंदबाजी करते हुए 13 रन देकर 3 विकेट चटकाए थे। इसके बाद उन्होंने नीदरलैंड्स के खिलाफ महज 18 गेंदों में 41 रनों की आतिशी पारी खेली। वह वर्तमान में इस टूर्नामेंट में बेथ मूनी के बाद ऑस्ट्रेलिया के लिए दूसरी सबसे ज्यादा रन बनाने वाली बल्लेबाज बन गई हैं।

वेयरहम का यह प्रदर्शन कोई अप्रत्याशित नहीं है। पिछले महिला बिग बैश लीग (WBBL) में मेलबर्न रेनेगेड्स के लिए खेलते हुए उन्हें ‘प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट’ चुना गया था। उन्होंने उस सीजन में 10.94 की औसत और 5.47 की इकॉनमी रेट से 19 विकेट लेकर टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा विकेट चटकाए थे। इसके साथ ही उन्होंने मध्यक्रम में बल्लेबाजी करते हुए 39.57 की औसत और 147.34 के स्ट्राइक रेट से 277 रन भी बनाए थे। मार्च में कैरेबियाई दौरे पर खेली गई वनडे सीरीज में भी उन्होंने दो बार ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ का पुरस्कार जीता था।

मुख्य कोच शेली निशके का भरोसा

ऑस्ट्रेलियाई टीम की मुख्य कोच शेली निशके ने जॉर्जिया वेयरहम के प्रदर्शन की सराहना करते हुए कहा है कि वेयरहम का यह रूप उनके लिए बिल्कुल भी हैरान करने वाला नहीं है। निशके ने कहा, “मुझे नहीं लगता कि हममें से किसी को भी जॉर्जिया वेयरहम को इस तरह खेलते देख आश्चर्य हो रहा है। वह वास्तव में लंबे समय से बल्ले से अपनी क्षमता का प्रदर्शन करने की कगार पर थीं।”

निशके ने आगे कहा, “हम सभी जानते हैं कि वह क्या करने में सक्षम हैं। उनका पिछला 12 महीना बेहद शानदार रहा है और नीदरलैंड्स के खिलाफ भी उन्होंने बेहतरीन खेल दिखाया। वह हमारे लिए मध्यक्रम में एक बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। हम हमेशा अपनी टीम की गहराई की बात करते हैं, और मुझे लगता है कि हमें समय-समय पर इसका परीक्षण भी करना पड़ा है। ऐसे में खिलाड़ियों को जिम्मेदारी लेते हुए देखना और मैच पर नियंत्रण बनाना बेहद सुखद है।”

थकाऊ यात्रा और खिलाड़ियों की फिटनेस

इस वर्ल्ड कप के दौरान ऑस्ट्रेलिया को काफी कठिन यात्रा कार्यक्रम से गुजरना पड़ा है। उन्होंने अपने अभियान की शुरुआत मैनचेस्टर से की, जिसके बाद वे लीड्स गए। इसके बाद टीम बस के जरिए देश के दूसरे छोर साउथेम्प्टन पहुंची और फिर वापस लीड्स लौट आई। बेथ मूनी की पीठ में दर्द का मुख्य कारण इस लंबी सड़क यात्रा को माना जा रहा है।

कोच निशके ने मूनी की फिटनेस पर बात करते हुए कहा, “हम जानते हैं कि वह हमारे लिए कितनी महत्वपूर्ण हैं। जैसे ही उन्हें अपनी पीठ में खिंचाव महसूस हुआ, हम कोई जोखिम नहीं लेना चाहते थे। वह विकेटकीपिंग में भी बड़ी भूमिका निभाती हैं, इसलिए एहतियात बरतना जरूरी था। विश्व कप जैसे टूर्नामेंट में आपको हर पहलू का आकलन करना होता है कि क्या जोखिम लेने लायक है और क्या नहीं।”

पाकिस्तान की चुनौती और फातिमा सना का खतरा

तीन मैचों में तीन जीत दर्ज करने के बाद, ऑस्ट्रेलिया को रविवार को लॉर्ड्स में भारत के खिलाफ अपना आखिरी ग्रुप मैच खेलना है। ऐसे में टीम प्रबंधन को खिलाड़ियों के कार्यभार और जोखिमों का सावधानीपूर्वक प्रबंधन करना होगा। दूसरी ओर, उनके अगले प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान के पास ऐसी कोई सहूलियत नहीं है। पाकिस्तान की कप्तान फातिमा सना ने अकेले दम पर टीम को जीत दिलाने की कोशिश की, लेकिन अंततः दक्षिण अफ्रीका ने उन्हें शिकस्त दे दी। पाकिस्तान को इस टूर्नामेंट में अभी भी अपनी पहली जीत की तलाश है, क्योंकि वे भारत और बांग्लादेश के खिलाफ अपने शुरुआती मैच हार चुके हैं।

दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ मैच में फातिमा सना ने महज 38 गेंदों में नाबाद 55 रन बनाए और गेंदबाजी में 2.5 ओवर में 16 रन देकर 3 विकेट झटके, जिससे दक्षिण अफ्रीकी खेमे में खलबली मच गई थी। हालांकि, मारिजान कप्प के ऑलराउंड प्रदर्शन की बदौलत दक्षिण अफ्रीका ने दो विकेट से जीत दर्ज की। सना के इस प्रदर्शन पर ऑस्ट्रेलियाई टीम की भी नजर है।

निशके ने सना की तारीफ करते हुए कहा, “उन्होंने बेहतरीन खेल दिखाया है। जब से उन्होंने कप्तानी संभाली है, वह एक ऑलराउंडर के रूप में बहुत विकसित हुई हैं और टी20 क्रिकेट में दुनिया की सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों में से एक बन गई हैं। हमें उनके खिलाफ अपनी रणनीतियों को सटीक रखना होगा क्योंकि वह मैच का रुख पलटने की क्षमता रखती हैं।”

पाकिस्तान का आत्ममंथन

बांग्लादेश के खिलाफ मिली हार के बाद, पाकिस्तान के कोच वहाब रियाज ने निराशा व्यक्त करते हुए कहा था कि उनकी टीम ने खुद को ही हरा दिया। बांग्लादेश के खिलाफ 124 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए पाकिस्तान एक समय 12वें ओवर में 70 रन पर 2 विकेट खोकर अच्छी स्थिति में था, लेकिन इसके बाद पूरी टीम 100 रन पर 8 विकेट खोकर सिमट गई।

ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मुकाबले से पहले पाकिस्तान की सलामी बल्लेबाज मुनीबा अली ने गलतियों को सुधारने का संकल्प लिया है। पिछले साल के 50 ओवर के विश्व कप में पाकिस्तान की टीम ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 222 रनों का पीछा करते हुए एक समय 76 रन पर 7 विकेट खो चुकी थी और अंततः 114 रनों पर सिमटकर 107 रनों से मैच हार गई थी।

मुनीबा ने बांग्लादेश के खिलाफ हार से सीख लेते हुए कहा, “जब मैं क्रीज पर सेट थी, तो मुझे मैच खत्म करना चाहिए था। दुर्भाग्य से पिछले तीन मैचों में हमारे साथ ऐसा हो रहा है कि एक विकेट गिरते ही लगातार विकेट गिर जाते हैं। हमें इस मानसिक दबाव की स्थिति को पहचानना और सही निर्णय लेना सीखना होगा। हमने इस बारे में बात की है और हम इसे सुधारने की पूरी कोशिश करेंगे।”

Noah Sharma

Noah Sharma is an award‑winning investigative correspondent for The Indian Express, where he uncovers the power structures, conflicts of interest, and ethical grey zones that shape modern cricket. A graduate of the Indian Institute of Mass Communication, Sharma broke into prominence with his exposés on insider‑trading allegations around IPL franchise owners, and he has since become one of the most respected — and feared — voices in South Asian sports journalism. His reporting spans boardroom politics at the BCCI, match‑fixing investigations, and the human stories behind the players and officials. Known for his meticulous sourcing and legal awareness, Sharma’s work has led to parliamentary inquiries and policy reforms. He also writes long‑form features on the evolving identity of Indian cricket and is a regular speaker at journalism schools across the subcontinent.