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Thomas Rew sparkles again to loosen Warwickshire grip

Liam Mehta · · 1 min read

एक शानदार जुझारूपन की कहानी

सॉमरसेट और वार्विकशायर के बीच चल रहे डिवीजन वन काउंटी चैंपियनशिप मुकाबले में तीसरे दिन का खेल पूरी तरह से युवा थॉमस रेव के नाम रहा। Thomas Rew sparkles again to loosen Warwickshire grip की खबर पूरे क्रिकेट जगत में चर्चा का विषय बनी हुई है। अपनी ए-लेवल की परीक्षाएं समाप्त करने के तुरंत बाद, इस 18 वर्षीय प्रतिभाशाली खिलाड़ी ने लगातार दूसरे हफ्ते काउंटी चैंपियनशिप में शतक जड़कर अपनी टीम को एक कठिन स्थिति से बाहर निकाला है।

मैच का रोमांचक मोड़

तांतन के कूपर एसोसिएट्स ग्राउंड पर सॉमरसेट की शुरुआत बेहद संघर्षपूर्ण रही थी। एक समय ऐसा लग रहा था कि टीम तीन दिन के भीतर ही हार का सामना करेगी, लेकिन रेव और कप्तान क्रेग ओवरटन की अटूट साझेदारी ने मैच का रुख पूरी तरह बदल दिया। सॉमरसेट ने अपनी दूसरी पारी में 341/6 का स्कोर खड़ा कर लिया है और अब वे 219 रनों की बढ़त बना चुके हैं।

थॉमस रेव और क्रेग ओवरटन का जलवा

रेव, जो इंग्लैंड अंडर-19 टीम के कप्तान भी रह चुके हैं, ने अपनी पारी में 18 शानदार चौके लगाए और 237 गेंदों का सामना करते हुए नाबाद 133 रन बनाए। उनका खेल तकनीक और संयम का अद्भुत मिश्रण था। वहीं, कप्तान क्रेग ओवरटन ने भी एक बेहतरीन पारी खेली और 89 रनों पर नाबाद डटे हुए हैं। इन दोनों के बीच सातवें विकेट के लिए 193 रनों की साझेदारी हुई है, जिसने वार्विकशायर के गेंदबाजों को पूरी तरह बेबस कर दिया।

वार्विकशायर की गेंदबाजी बनाम सॉमरसेट का आत्मविश्वास

वार्विकशायर की ओर से मानव सुथार ने अपनी गेंदबाजी से जरूर प्रभावित किया और 80 रन देकर 3 विकेट चटकाए। एक समय सॉमरसेट 148 रन पर 6 विकेट खोकर संघर्ष कर रहा था, लेकिन इसके बाद खेल का पूरा परिदृश्य बदल गया। रेव और ओवरटन ने न केवल टीम को मुश्किल से निकाला, बल्कि सॉमरसेट के लिए सातवें विकेट की रिकॉर्ड साझेदारी भी स्थापित की। इससे पहले यह रिकॉर्ड 1957 में केन पामर और हेरोल्ड स्टीफेंसन के नाम था।

अंतिम दिन की उम्मीदें

मैच अब एक निर्णायक मोड़ पर खड़ा है। सॉमरसेट की टीम अब एक मजबूत लक्ष्य निर्धारित करने की स्थिति में है, ताकि अंतिम दिन उनके स्पिनरों को पिच से मदद मिल सके। रेव का यह शतक न केवल उनकी व्यक्तिगत उपलब्धि है, बल्कि यह उनके भविष्य की उज्ज्वल संभावनाओं को भी दर्शाता है। थॉमस रेव ने साबित कर दिया है कि दबाव की स्थिति में कैसे डटा जाता है।

निष्कर्ष

क्रिकेट प्रशंसकों के लिए यह दिन यादगार रहा। जहाँ एक ओर इंग्लैंड की टेस्ट टीम को हार का सामना करना पड़ा, वहीं दूसरी ओर काउंटी क्रिकेट में थॉमस रेव जैसे युवाओं का उदय भविष्य की सुखद तस्वीर पेश करता है। अब सभी की निगाहें मैच के चौथे दिन पर टिकी हैं, जहां यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या सॉमरसेट इस शानदार वापसी को जीत में बदल पाता है या वार्विकशायर कोई और उलटफेर करता है।

Liam Mehta

Liam Mehta is the cricket correspondent for The Guardian, covering England’s men’s and women’s teams, the County Championship, and the global game with a special focus on South Asian cricket. Born in Leicester to a Punjabi father and a Welsh mother, Liam grew up straddling two cricketing cultures — the buzz of India‑Pakistan clashes at his local club and the village‑green rhythms of county weekends. After reading English at Oxford, he trained as a journalist at City, University of London, and began his career at Wisden, where his archival pieces on the late‑1970s Indian tours of England garnered wide praise. Today he writes match reports, long‑form features on diaspora identity, and columns that challenge cricket’s establishment. He is also the host of The Reverse Sweep, a Guardian podcast on cricket, culture, and the subcontinent’s hold on the summer game.