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“He doesn’t have the same juice” – Ambati Rayudu raises concerns over Arshdeep S – “He doesn’t have the same juice” – अंबाती रायडू ने आईपीएल 2026 में अर्शदीप S की फॉर्म पर चिंता जताई

Noah Sharma · · 1 min read

भारतीय क्रिकेट के दिग्गज और छह बार आईपीएल का खिताब जीतने वाले अंबाती रायडू ने हाल ही में पंजाब किंग्स के तेज गेंदबाज अर्शदीप सिंह के प्रदर्शन पर गहरी चिंता व्यक्त की है। उनका मानना है कि अर्शदीप सिंह अपनी पुरानी लय में नहीं दिख रहे हैं, और शायद उन्हें शारीरिक और मानसिक थकान का सामना करना पड़ रहा है, जिसका सीधा असर उनकी गेंदबाजी की लेंथ पर पड़ रहा है। यह विश्लेषण ऐसे समय में आया है जब पंजाब किंग्स ने लखनऊ सुपर जायंट्स के खिलाफ अपने अंतिम ग्रुप स्टेज मैच में सात विकेट से जीत दर्ज की, जिससे उनकी लगातार छह हार का सिलसिला टूट गया। हालांकि, इस मैच में भी अर्शदीप का प्रदर्शन निराशाजनक रहा।

अंबाती रायडू की अर्शदीप की फॉर्म पर चिंताएं

पूर्व भारतीय बल्लेबाज अंबाती रायडू ने अर्शदीप सिंह की शारीरिक स्थिति पर विशेष रूप से चिंता व्यक्त की। रायडू ने इस बात पर जोर दिया कि बाएं हाथ के इस तेज गेंदबाज में वर्तमान में वह पुरानी धार और तीव्रता नहीं दिख रही है जो पहले हुआ करती थी। उन्होंने सुझाव दिया कि अर्शदीप को अपनी गेंदबाजी की लेंथ में बदलाव करना चाहिए और अधिक फुल लेंथ की गेंदों का उपयोग करना चाहिए ताकि वे अपनी प्रभावशीलता बनाए रख सकें। रायडू ने अपने विश्लेषण में कहा,

“उसे इस बात का ध्यान रखना चाहिए क्योंकि उसकी शॉर्ट बॉल, उसके पास इस समय कोई अच्छा बाउंसर नहीं है, शायद इसलिए क्योंकि उसका शरीर थका हुआ है या उसमें कुछ महीने पहले जैसी धार नहीं है। लेकिन उसे निश्चित रूप से इसकी भरपाई करनी होगी। अगर उसे इसकी अति-भरपाई करनी है, तो उसे फुल गेंदें डालनी होंगी।”

यह टिप्पणी अर्शदीप के हालिया प्रदर्शन के संदर्भ में महत्वपूर्ण है। लखनऊ सुपर जायंट्स के खिलाफ, अर्शदीप का प्रदर्शन काफी खराब रहा, जहां उन्होंने अपने तीन ओवरों में बिना कोई विकेट लिए 52 रन लुटाए। उनकी इकोनॉमी रेट 17.33 रही, जो किसी भी प्रमुख गेंदबाज के लिए स्वीकार्य नहीं है, और कप्तान को उनका अंतिम ओवर नहीं कराने का फैसला लेना पड़ा। यह मैच पंजाब किंग्स के लिए भले ही जीत लेकर आया हो, लेकिन अर्शदीप का व्यक्तिगत प्रदर्शन चिंता का विषय बना रहा।

गेंदबाजी की रणनीति और लेंथ पर सवाल

अंबाती रायडू ने अर्शदीप सिंह द्वारा पावरप्ले और डेथ ओवरों में इस्तेमाल की जाने वाली रणनीतिक दृष्टिकोण पर भी सवाल उठाए। रायडू ने बाएं हाथ के इस तेज गेंदबाज को सलाह दी कि उसे बहुत अधिक शॉर्ट डिलीवरी करने से बचना चाहिए और इसके बजाय यॉर्कर और फुल लेंथ की गेंदों पर अधिक ध्यान केंद्रित करना चाहिए। एक तेज गेंदबाज के लिए सही लेंथ पर गेंदबाजी करना उसकी सफलता की कुंजी होती है, और रायडू का मानना है कि अर्शदीप इस पहलू में भटक गए हैं।

“मुझे लगता है कि उसकी लेंथ [समस्या है]। वह ऐसा गेंदबाज नहीं है जिसे बहुत अधिक शॉर्ट डिलीवरी करनी चाहिए। यहां तक कि डेथ ओवरों में भी, उसे यॉर्कर डालनी चाहिए। और नई गेंद के साथ भी, जब भी उसने फुल गेंदें डाली हैं, सिवाय पहली गेंद के जिसे कवर्स के जरिए ड्राइव किया गया था, मुझे नहीं लगता कि उसकी फुल गेंदों पर उतनी रन गए जितनी शॉर्ट ऑफ लेंथ डिलीवरी या शॉर्ट बॉल पर गए।”

यह टिप्पणी अर्शदीप की ताकत को पहचानने और उसे उसके अनुरूप गेंदबाजी करने के महत्व को रेखांकित करती है। उनकी प्राकृतिक स्विंग और गति उन्हें नई गेंद के साथ फुल लेंथ पर खतरनाक बना सकती है, जबकि उनकी यॉर्कर डेथ ओवरों में बल्लेबाजों को बांधे रख सकती हैं। शॉर्ट गेंदों पर निर्भरता, खासकर जब “उसी धार” की कमी हो, तो यह महंगी साबित हो सकती है।

सीजन के आंकड़े और प्रदर्शन का विश्लेषण

अर्शदीप सिंह के लिए यह सीजन काफी चुनौतीपूर्ण रहा है। उन्होंने इस सीजन में 14 मैचों में 541 रन दिए हैं, जो टूर्नामेंट में किसी भी गेंदबाज द्वारा दिए गए सबसे अधिक रन हैं। यह आंकड़ा उनकी फॉर्म में गिरावट को स्पष्ट रूप से दर्शाता है। हालांकि, वह 14 विकेट लेकर पंजाब किंग्स के लिए सबसे अधिक विकेट लेने वाले गेंदबाज बने हुए हैं, लेकिन उनकी 10.20 की इकोनॉमी रेट काफी महंगी है। एक प्रमुख तेज गेंदबाज के लिए, जो पावरप्ले और डेथ ओवरों में गेंदबाजी करता है, यह इकोनॉमी रेट टीम के लिए बड़ी चुनौती बन सकती है।

  • कुल रन दिए: 541 (टूर्नामेंट में सबसे अधिक)
  • खेले गए मैच: 14
  • विकेट: 14 (पंजाब किंग्स के लिए सर्वाधिक)
  • इकोनॉमी रेट: 10.20

मार्क बाउचर का बचाव: थकान एक प्रमुख कारण

पूर्व दक्षिण अफ्रीकी क्रिकेटर मार्क बाउचर ने अर्शदीप सिंह के समग्र कौशल स्तर का बचाव किया है। बाउचर का मानना है कि अर्शदीप के संघर्ष मुख्य रूप से पिछले कुछ महीनों में उनके भारी कार्यभार के कारण हैं। यह एक महत्वपूर्ण दृष्टिकोण है, क्योंकि आधुनिक क्रिकेट में खिलाड़ियों पर लगातार खेलने का दबाव काफी बढ़ गया है, खासकर टी20 लीग और अंतरराष्ट्रीय प्रतिबद्धताओं के कारण।

“मुझे लगता है कि यह सिर्फ थकान है [टी20 विश्व कप के बाद] और यह महीना आईपीएल का है, और उसे इसमें खेलना पड़ा। यही कारण है कि वह ऐसा है। मुझे नहीं लगता कि इसका उसके कौशल या उसकी प्रतिभा से कोई लेना-देना है। किसी न किसी स्तर पर, [थकान] खिलाड़ियों को पकड़ लेती है। यह सिर्फ स्वाभाविक है।”

बाउचर की टिप्पणी खिलाड़ियों पर लगातार खेलने के मानसिक और शारीरिक प्रभाव पर प्रकाश डालती है। टी20 विश्व कप जैसे बड़े टूर्नामेंट के बाद सीधे आईपीएल जैसे गहन टूर्नामेंट में खेलना किसी भी खिलाड़ी के लिए चुनौतीपूर्ण हो सकता है। यह दिखाता है कि अर्शदीप की वर्तमान फॉर्म में गिरावट उनकी क्षमता में कमी के बजाय अत्यधिक कार्यभार और उसके परिणामस्वरूप होने वाली थकान का परिणाम हो सकती है।

नियंत्रण में कमी और वाइड गेंदों का रिकॉर्ड

हालिया जीत के बावजूद, अर्शदीप को अपने नियंत्रण से जूझते हुए देखा गया, उन्होंने लखनऊ सुपर जायंट्स के खिलाफ चार वाइड गेंदें फेंकी। इस सीजन में उन्होंने पहले ही 28 वाइड गेंदें फेंकी हैं और वह पिछले आईपीएल संस्करण में मथीशा पथिराना के 32 वाइड गेंदों के अवांछित रिकॉर्ड के करीब पहुंच रहे हैं। वाइड गेंदें न केवल अतिरिक्त रन देती हैं, बल्कि यह गेंदबाज के आत्मविश्वास और लय को भी प्रभावित करती हैं। एक तेज गेंदबाज के लिए सटीकता अत्यंत महत्वपूर्ण है, और वाइड गेंदों की यह संख्या नियंत्रण में कमी का स्पष्ट संकेत है।

अर्शदीप सिंह, जो एक समय भारतीय टीम के लिए डेथ ओवरों के विशेषज्ञ माने जाते थे, को अपनी पुरानी फॉर्म और सटीकता हासिल करने के लिए कड़ी मेहनत करनी होगी। अंबाती रायडू और मार्क बाउचर जैसे दिग्गजों की टिप्पणियां इस बात पर जोर देती हैं कि यह सिर्फ एक अस्थायी दौर हो सकता है, लेकिन इस पर तुरंत ध्यान देने की आवश्यकता है। चाहे वह मानसिक रूप से खुद को तरोताजा करना हो, अपनी शारीरिक फिटनेस पर काम करना हो, या अपनी गेंदबाजी की रणनीति को समायोजित करना हो, अर्शदीप को अपनी सर्वश्रेष्ठ फॉर्म में लौटने के लिए इन सभी पहलुओं पर काम करना होगा। उनकी क्षमता पर कोई संदेह नहीं है, लेकिन इस ‘जूस’ को वापस लाने के लिए उन्हें सही दिशा में प्रयास करने होंगे।

Noah Sharma

Noah Sharma is an award‑winning investigative correspondent for The Indian Express, where he uncovers the power structures, conflicts of interest, and ethical grey zones that shape modern cricket. A graduate of the Indian Institute of Mass Communication, Sharma broke into prominence with his exposés on insider‑trading allegations around IPL franchise owners, and he has since become one of the most respected — and feared — voices in South Asian sports journalism. His reporting spans boardroom politics at the BCCI, match‑fixing investigations, and the human stories behind the players and officials. Known for his meticulous sourcing and legal awareness, Sharma’s work has led to parliamentary inquiries and policy reforms. He also writes long‑form features on the evolving identity of Indian cricket and is a regular speaker at journalism schools across the subcontinent.