Cricket News

KKR में मची खलबली: ड्वेन ब्रावो के मालदीव वेकेशन पर भड़के फैंस, गौतम गंभीर की वापसी की मांग

Liam Mehta · · 1 min read

KKR के संकट के बीच ड्वेन ब्रावो की छुट्टियां: फैंस ने मैनेजमेंट को बताया ‘जोकर’

इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2026 का सीजन कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) के लिए किसी रोलरकोस्टर राइड से कम नहीं रहा है। एक समय ऐसा था जब टीम पूरी तरह बिखरती नजर आ रही थी, लेकिन पिछले सप्ताहांत लखनऊ सुपर जायंट्स (LSG) के खिलाफ एक रोमांचक सुपर ओवर जीत ने फैंस में थोड़ी उम्मीद जगाई है। यह मैच नंबर 38 था, जिसने KKR को इस सीजन की अपनी दूसरी जीत दिलाई। लेकिन सवाल यह है कि क्या एक जीत टीम की गहरी समस्याओं को खत्म करने के लिए काफी है?

टूर्नामेंट की शुरुआत KKR के लिए बेहद निराशाजनक रही, जहां उन्हें लगातार पांच मैचों में हार का सामना करना पड़ा। हालांकि, अजिंक्य रहाणे की कप्तानी में टीम अब पॉइंट्स टेबल में सबसे निचले पायदान से ऊपर उठकर आठवें नंबर पर पहुंच गई है, लेकिन टीम का मैनेजमेंट अभी भी गंभीर चुनौतियों से जूझ रहा है। इसी उथल-पुथल के बीच एक ऐसी खबर सामने आई जिसने फैंस के गुस्से को सातवें आसमान पर पहुंचा दिया है।

ड्वेन ब्रावो का ‘मालदीव वेकेशन’ और फैंस का फूटा गुस्सा

जब टीम अपनी किस्मत बचाने के लिए मैदान पर पसीना बहा रही है, तब टीम के मेंटर और टी20 क्रिकेट के दिग्गज ड्वेन ब्रावो मालदीव के खूबसूरत तटों पर छुट्टियां मनाते नजर आ रहे हैं। ब्रावो ने हाल ही में अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर एक तस्वीर साझा की, जिसका कैप्शन था “Maldives Night”

जैसे ही यह खबर KKR फैंस के बीच पहुंची, सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई। फैंस इस बात से हैरान और नाराज हैं कि जब टीम आईपीएल 2026 के आधे सफर के बाद भी संघर्ष कर रही है, तो टीम के मेंटर भारत से दूर छुट्टियां कैसे मना सकते हैं। कुछ फैंस ने तो यहां तक कह दिया कि KKR का मैनेजमेंट ‘जोकर्स’ द्वारा चलाया जा रहा है।

नाराजगी इतनी ज्यादा थी कि कुछ फैंस ने मजाक में ब्रावो से अपील की कि वह मालदीव में ही रहें और साथ ही संघर्ष कर रहे कप्तान अजिंक्य रहाणे को भी अपने साथ वहीं ले जाएं। फैंस का मानना है कि इस कठिन समय में मेंटर की मौजूदगी टीम के मनोबल के लिए जरूरी थी, न कि उनकी लग्जरी छुट्टियां।

क्या गौतम गंभीर की वापसी ही एकमात्र समाधान है?

ब्रावो के प्रति गुस्से के साथ-साथ, KKR के वफादार समर्थकों ने एक बार फिर गौतम गंभीर का नाम पुकारना शुरू कर दिया है। फैंस का मानना है कि टीम की गिरती किस्मत को केवल गंभीर का अनुशासन और उनकी रणनीतिक सूझबूझ ही बदल सकती है।

गौतम गंभीर का KKR के साथ इतिहास बेहद शानदार रहा है। उनकी विरासत को याद करते हुए फैंस बता रहे हैं कि कैसे गंभीर की कप्तानी में KKR ने 2012 और 2014 में आईपीएल खिताब जीते थे। उन्होंने फाइनल में उस समय की सबसे मजबूत टीमों, चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) और पंजाब किंग्स को मात दी थी। इतना ही नहीं, जब वह दोबारा मेंटर के रूप में टीम से जुड़े, तो KKR ने 2024 का खिताब जीतकर अपने दशक पुराने सूखे को खत्म किया था। इसी स्वर्णिम इतिहास के कारण फैंस चाहते हैं कि गंभीर को तुरंत कोचिंग स्टाफ में वापस लाया जाए।

IPL 2026: प्लेऑफ की राह और KKR का गणित

अगर आंकड़ों पर नजर डालें, तो KKR की स्थिति फिलहाल नाजुक है। 10 टीमों की पॉइंट्स टेबल में आठवें स्थान पर मौजूद इस तीन बार की चैंपियन टीम ने 8 मैचों में से केवल 2 जीते हैं, 5 में हार का सामना किया है और एक मैच बिना किसी नतीजे (No Result) के रहा है।

अब सवाल यह है कि क्या KKR प्लेऑफ में पहुंच सकती है? गणित सरल है लेकिन रास्ता कठिन। प्लेऑफ की दौड़ में बने रहने के लिए अजिंक्य रहाणे और उनकी टीम को अपने शेष सभी छह मैचों में जीत हासिल करनी होगी। इसके साथ ही, उन्हें अपने नकारात्मक नेट रन रेट (NRR) में भी सुधार करना होगा, ताकि वे अन्य टीमों को पीछे छोड़ सकें।

अगला मुकाबला: SRH के खिलाफ अग्निपरीक्षा

KKR के लिए अब अगला बड़ा इम्तिहान रविवार, 3 मई को मैच नंबर 45 में होगा, जहां उनका सामना सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) से होगा। यह मुकाबला हैदराबाद के राजीव गांधी इंटरनेशनल स्टेडियम में खेला जाएगा। मैच भारतीय समयानुसार दोपहर 3:30 बजे से शुरू होगा।

क्या KKR अपनी जीत का सिलसिला जारी रख पाएगी या ड्वेन ब्रावो का यह वेकेशन टीम के लिए और मुश्किलें पैदा करेगा? यह देखना दिलचस्प होगा। फैंस की नजरें अब केवल मैदान पर टीम के प्रदर्शन और मैनेजमेंट के अगले कदम पर टिकी हैं।

Liam Mehta

Liam Mehta is the cricket correspondent for The Guardian, covering England’s men’s and women’s teams, the County Championship, and the global game with a special focus on South Asian cricket. Born in Leicester to a Punjabi father and a Welsh mother, Liam grew up straddling two cricketing cultures — the buzz of India‑Pakistan clashes at his local club and the village‑green rhythms of county weekends. After reading English at Oxford, he trained as a journalist at City, University of London, and began his career at Wisden, where his archival pieces on the late‑1970s Indian tours of England garnered wide praise. Today he writes match reports, long‑form features on diaspora identity, and columns that challenge cricket’s establishment. He is also the host of The Reverse Sweep, a Guardian podcast on cricket, culture, and the subcontinent’s hold on the summer game.